मनाव गति से उतपन्न होगी बिजली

न्यूयार्क, 23 जुलाई (बचपन एक्सप्रेस) अगर हम विज्ञान के अविष्कार की बात करे तो पाते है हर क्षण कोई न कोई नया चमत्कार हमारे सामने आता है| जिनकी कल्पना करना भी मुश्किल होता है | कभी आपकी कपड़ो से मोबाइल चार्ज होना, आलू से बिजली बनना, अनेक ऐसे ताजुब अविष्कार सुनने को मिलता है| कई बार हम कुछ समय के लिए इन्हें स्वीकार करने से तकरते  है| पर यह सच  है

वैसे कपड़े जो सेलफोन चार्जर का भी काम करेंगे, जल्द ही हकीकत बनने वाले हैं, क्योंकि शोधकर्ताओं ने मानवों की गति से बिजली पैदा करने का तरीका खोल निकाला है। अमेरिका की वेंडरबिल्ट यूनिवर्सिटी के नैनोमैटेरियल एंड इनर्जी डिवाइसेस लेबोरेटोरी के शोधकर्ताओं ने एक बेहत पतले ऊर्जा पैदा करने वाली प्रणाली को विकसित किया है, जो मुड़ने या दबाने पर अल्प मात्रा में बिजली पैदा करती है। यह बेहद कम फ्रीक्वेंसी जैसे मानवों की गति पर भी काम करता है।

शोध के निर्देशक और वेंडरबिल्ट यूनिवर्सिटी के मैकेनिकल इंजीनियरिंग के असिस्टेंट प्रोफेसर केरी पिंट का कहना है, “भविष्य में हमें उम्मीद है कि अपने निजी डिवाइसों के लिए हम खुद चार्जिग स्टेशन बन जाएंगे, जो हमारी गति और पर्यावरण से ऊर्जा हासिल करेगा।”

‘बैटरी प्रौद्योगिकी’ पर आधारित यह डिवाइस ब्लैक फॉसफोरस से बना है जो केवल कुछ अणु जितना ही पतला है।