खुद के हौसलों और थोड़ी सी सहायता से बदल दी ज़िंदगी

कहते है भगवन भी उनकी मदद करता है जो खुद की मदद करते हैं|  कुछ ऐसा  ही कर दिखाया  है अनार कली देवी ने| कहानी  ग्राम खजुरी, विकासखण्ड कोराव, जनपद इलाहाबाद ग्राम खजुरी विकासखण्ड कोराव जनपद इलाहाबाद की है जहाँ रहने वाली अनार कली ने अपने हलात और गरीबी के साथ समझौता नही किया बल्कि उसका मुकाबला कर आज सम्मान जनक जीवन जी रही है|

अनारकली देवी ने बताया की बिहार से आई हुई सी.आर.पी. दीदियो ने उनके गाँव में आकार उन्हें एवं अन्य बहनों को समूह से जुड़ने के लिए प्रेरित किया | शुरुआत में  गाँव की महिलाये समूह से  जुड़ने से इंकार कर दिया  परन्तु सी.आर.पी. दीदियो ने उन्हें समूह से जुड़ने के फायदे के बारे में बताया एवं उन्हें अपनी कहानी बता कर प्रेरित किया |

इस तरह अनार कली और कुछ लोगो ने समूह से जुड़ने  में रूचि दिखाई, अनारकली समूह में 2 बर्ष पहले जुडी एवं प्रति बैठक 10 रु. जमा करती है तथा अभी तक लगभग समूह में उनके द्वारा  लगभग 1200 की बचत की गई है |

अनारकली देवी  ने  सी.आर.पी. दीदी से  सर्वप्रथम समूह के पास आये रु. 15,000/- की रिवॉल्विंग फण्ड धनराशि में से रु. 45,00/- ऋण के रूप में लेकर चाय की एक छोटी सी  दुकान खोली जिसे वो अपने पति श्री गोविन्द दास जी के साथ मिलकर चलती थी | अनारकली देवी बताती है की चाय की दुकान से उन्हें प्रतिदिन लगभग  100 -150 रूपए तक की आमदनी हो जाती थी |

इस तरह समूह ने रिवॉल्विंग फण्ड प्राप्त होने  के 4 माह पश्चात् खुशबु स्वयं सहायता समूह द्वारा माइक्रो प्लान तैयार कर सी.आई.ऍफ़. हेतु उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन इलाहाबाद में प्रस्तुत किया गया | इस  मिशन द्वारा सामुदायिक निवेश निधि (सी.आई.ऍफ़.) के रूप में रु. 1,10,000 समूह को प्रदान किया गया| जिसमे  अनारकली देवी द्वारा  सी.आई.ऍफ़. की धनराशि से रु. 15,000 लेकर चाय की दुकान को एक खानपान होटल के रूप में बना लिया गया है |

अनारकली देवी एवं उनके पति गोविन्द दास के अनुसार आज उन्हें प्रतिदिन होटल से रु. 500-600 की आमदनी होती है जिससे उनके परिवार का भरण पोषण अच्छे ढंग से होता है | अनारकली देवी ने बताया की उनके द्वारा रिवॉल्विंग फण्ड की 4500 की धनराशि व्याज सहित समूह में वापस कर दी गई है एवं सी.आई.ऍफ़. ऋण के रु. 15000/- धनराशि में रु. 13500 व्याज सहित वापस कर चुकी है | अनारकली जी स्वयं सहायता समूह से जुड़कर अपने आय को बढाकर आत्मनिर्भर महसूस कर रही है एवं उनका परिवार बेहद खुश है |

ओम प्रकाश चतुर्वेदी

राज्य परियोजनाप्रबंधक – एम्.ऍफ़. & ऍफ़.आई.

यू.पी.एस.आर.एल.एम्., ग्राम्य विकास विभाग, उ.प्र.