बाबा बैद्यनाथ धाम सहित सभी शिवालयों में लगा शिवभक्तों का तांता

देवघर/पटना, 31 जुलाई (बचपन एक्सप्रेस): भगवान शंकर के प्रिय सावन मास के चौथे सोमवार को सुबह से ही शिवालयों में भक्तों का तांता लगा है। ‘हर-हर महादेव’ और ‘बोल बम’ की गूंज से पूरा माहौल भक्तिमय है। झारखंड के देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा है। बाबा बैद्यनाथ धाम में तड़के से श्रद्घालु ज्योतिर्लिग पर जलाभिषेक कर रहे हैं। बिहार के सुल्तानगंज से गंगा का पवित्र जल लेकर 105 किलोमीटर लंबी पैदल यात्रा कर कांवड़िये बैद्यनाथ धाम पहुंचकर कामना लिंग पर जलाभिषेक कर रहे हैं। सोमवार तड़के साढ़े तीन बजे की विशेष पूजा के बाद से भक्तों ने जलाभिषेक शुरू कर दिया।

Image result for Shiva devotees in all the pagoda including Baba Baidyanath Dhamदेवघर जिला जनसंपर्क विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि सुबह 10 बजे तक करीब 45 हजार से ज्यादा कांवड़िये कामना लिंग पर जलाभिषेक कर चुके हैं। कांवड़ियों का आने का सिलसिला अब भी बदस्तूर जारी है। उन्होंने बताया कि रात 10 बजे तक आने वाले श्रद्घालु जलाभिषेक कर सकेंगे।

इधर, मेला क्षेत्र का जायजा ले रहे देवघर के जिलाधिकारी (उपायुक्त) राहुल कुमार सिन्हा ने सोमवार को बताया कि कांवड़ियों की लंबी कतार लगी हुई है और उनका मंदिर आना जारी है।

उन्होंने बताया कि इस वर्ष सावन के प्रत्येक सोमवार को पहुंचने वाले शिव भक्तों की संख्या एक लाख से ज्यादा रही है। इस चौथे सोमवार को 1.40 लाख श्रद्घालुओं के पहुंचने की उम्मीद है।

उन्होंने कहा कि सोमवार के कारण मेला क्षेत्र में सुरक्षा और बढ़ा दी गई है।

पटना के जाने-माने आचार्य पंडित केशवानंद का कहना है कि सावन महीने में सोमवार को व्रत, भगवान शिव की पूजा, जलाभिषेक और रूद्राभिषेक करना अधिक फलदायी होती है। सावन भगवान शिव का प्रिय महीना है और सोमवार उसमें सबसे श्रेष्ठ दिन माना गया है।

बिहार की राजधानी पटना के बैकुंठपुर मंदिर, गायघाट के गौरीशंकर मंदिर, पटना सिटी के तिलेश्वर महादेव मंदिर सहित सभी शिवलयों में भक्तों का तांता लगा हुआ है और लोग भगवान शिव की पूजा-अर्चना कर रहे हैं।

इसके अलावा बिहार के मुजफ्फरपुर के बाबा गरीबनाथ मंदिर, मोतिहारी के सोमेश्वर मंदिर, रोहतास के गुप्ताधाम मंदिर, सोनपुर के हरिहरनाथ मंदिर, अजगैबीनाथ मंदिर सहित सभी शिवालयों में भी सुबह से ही भक्त भगवान की अराधना में जुटे हैं।