200 रुपये के नोट में 3 माह का वक्त

नई दिल्ली, 4 सितम्बर (बचपन एक्सप्रेस) : आरबीआई ने पिछले हफ्ते 200 रुपये के नोट जारी किए थे। लेकिन इसे अभी एटीएम के जरएि लोगों तक पहुंचने में दो-तीन माह का वक्त लग सकता है। इसके जरिए एटीएम को पहले उपयुक्त बनाया जाएगा।

कुछ बैंकों ने एटीएम कंपनियों से कह भी दिया है कि वे मशीनों को उसके उपयुक्त बनाने के लिए नए नोट का परीक्षण शुरू कर दें। यद्यपि बैंकों को नए नोट की आपूर्ति नहीं हुई है। पिछले साल नवंबर में की गई नोटबंदी के बाद बैंकों ने एटीएम मशीनों को नए नोटों के उपयुक्त कराया था।

आरबीआई ने एक बयान जारी कर कहा था कि 200 रुपये के नोट की आपूर्ति जल्द शुरू कर दी जाएगी। लेकिन आरबीआई ने यह नहीं बताया है कि ये नोट पर्याप्त मात्रा में कबतक उपलब्ध हो जाएंगे।

एटीएम बनाने वाली कंपनियों ने कहा है कि उन्हें आरबीआई से 200 रुपये के नए नोट के अनुरूप एटीम में बदलाव करने के बारे में कोई दिशानिर्देश नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि कुछ बैंकों ने अनाधिकारिक रूप से उनसे कहा है कि वे नए नोट का परीक्षण शुरू कर दें, क्योंकि इसका आकार अलग है।

देश में कुल 2.25 लाख एटीएम मशीनें हैं, और अभी उन्हें नए नोट के अनुरूप बनाया जाना बाकी है।

एजीएस ट्रांसैक्ट टेक्नोलॉजीज लिमिटेड के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक रवि बी. गोयल ने आईएएनएस को बताया, “लेकिन एटीएम के अनुकूल बनाने प्रक्रिया आरबीआई से निर्देश मिलने के बाद ही शुरू होगी। नए नोटों का आकार प्रचलन में चल रहे नोटों से अलग है। जैसे ही हमें नए नोट मिलेंगे, हम उसके आकार को समझेंगे और उसके हिसाब से एटीएम को बना पाएंगे। उसके बाद हमें यह देखना होगा कि क्या नोटों की आपूर्ति एटीएम को पूरी क्षमता से चलाने के लिए पर्याप्त है।” यह कंपनी 60 हजार एटीएम मशीनें स्थापित कर चुकी है।

उन्होंने कहा, “एटीएम को अनुकूल बनाने की पूरी प्रक्रिया 90 दिनों में पूरी होगी, और एटीएम का नियमित संचालन प्रभावित नहीं होगा। असल में, एटीएम अनुकूल बनाए जाने के दौरान पूरी तरह चालू रहेंगे और उनमें से 100, 500 और 2000 के नोटों की आपूर्ति जारी रहेगी।”

एटीएम बनाने वाली अन्य कंपनियों में एनसीआर कॉर्पोरेशन है, जिसके पास 1,08,000 एटीएम मशीनें हैं। इसके अलावा बीआईटी पेमेंट्स है, जिसके पास 4,500 स्थापित मशीनें हैं।

एनसीआर कॉर्पोरेशन के महाप्रबंधक (सेवाएं) आनंद गरोलू ने कहा, “बैंकों ने नए नोटों के परिक्षण के लिए हमसे संपर्क शुरू कर दिया है। वे हमें बताएंगे कि कौन-सी मशीन को 200 रुपये के लायक बनवाना चाहते हैं। हालांकि नए नोट हमें बैंक द्वारा ही उपलब्ध कराए जाएंगे, जिसके बाद ही परीक्षण शुरू हो पाएगा।”

बीटीआई पेमेंट्स के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी के.श्रीनिवास ने कहा, “जब हमें पर्याप्त मात्रा में 200 रुपये के नोट मिलेंगे, तब हम मशीनों को इनके लायक बनाने का काम शुरू करेंगे। हम यह काम यथासंभव जल्द से जल्द शुरू करने को उत्सुक हैं।” यह कंपनी आरबीआई से अधिकृत है, जो उन एटीएम मशीनों का संचालन करती है, जिनका स्वामित्व बैंकों के पास नहीं होता और बैंक उनका प्रबंधन भी नहीं करते हैं।

फिलहाल में 200 रुपये के नोट अभी चुनिंदा आरबीआई दफ्तरों और कुछ बैंकों में उपलब्ध हैं।

हालांकि भारतीय स्टेट बैंक और पंजाब नेशनल बैंक ने कहा है कि उन्हें 200 रुपये के नए नोट मिले हैं, जबकि मंगलुरू में कॉर्पोरेशन बैंक के केवाईसी-एंटीमनी लॉन्डरिंग सेल के प्रबंधक एकनाथ बालिगा ने आईएएनएस को बताया कि पूरे देश में उनके बैंक की एक भी शाखा को 200 रुपये के नोट प्राप्त नहीं हुए हैं।

200 रुपये के नोट को फिलहाल आरबीआई के छापाखानों में ही छापा जा रहा है। सुरक्षा प्रिंटिंग एंड मिंटिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एसपीएमसीएल) के सूत्रों ने आईएएनएस को बताया कि कंपनी को अभी तक 200 रुपये के नोट की छपाई का कोई निर्देश नहीं मिला है। देश में नोट छापने वाली दो कंपनियों का स्वामित्व आरबीआई के पास है, जबकि दो का एसपीएमसीएल के पास, जो कि एक सरकारी स्वामित्व वाली कंपनी है।