कोलंबो वनडे : भुवनेश्वर, कोहली चमके, भारत का सीरीज पर कब्जा

कोलंबो, 4 सितम्बर (बचपन एक्सप्रेस): कप्तान विराट कोहली (नाबाद 110) के 30वें शतक और भुवनेश्वर कुमार (42-5) के बेहतरीन प्रदर्शन के दम पर भारत ने पांच वनडे मैचों की सीरीज के आखिरी मैच में रविवार को श्रीलंका को छह विकेट से हरा दिया।

इसी के साथ भारत ने श्रीलंका में पहली बार 5-0 से वनडे सीरीज पर कब्जा जमाया है।

भुवनेश्वर की आगुआई में भारतीय गेंदबाजों ने श्रीलंका को 49.4 ओवरों में 238 रनों पर ढेर कर दिया था और फिर कोहली की शतकीय पारी के आलावा केदार जाधव (63) के अर्धशतक के दम पर इस आसान से लक्ष्य को 46.3 ओवरों में चार विकेट खोकर हासिल कर लिया।

भारत की विदेशी जमीं पर 5-0 से यह दूसरी जीत है। इससे पहले उसने विराट की कप्तानी में ही 2013 में जिम्बाब्वे को उसी के घर में 5-0 से शिकस्त दी थी।

Image result for Colombo one day: Bhuvneshwar, Kohli shine, captures India series116 गेंदों का सामना करते हुए नौ चौकों की मदद से शतकीय पारी खेलने वाले विराट ने अपनी इस पारी से आस्ट्रेलियाई कप्तान रिकी पोंटिंग की बराबरी कर ली है। विराट वनडे क्रिकेट में सबसे ज्यादा शतक लगाने वाले बल्लेबाजों के मामले में पोंटिंग के समकक्ष आकर दूसरे स्थान पर खड़े हो गए हैं। दोनों के 30 शतक हैं। इन दोनों से सिर्फ एक ही बल्लेबाज आगे है, वो हैं सचिन तेंदुलकर। सचिन के वनडे में सर्वाधिक 49 शतक हैं।

इस मैच में कोहली ने अपने लिस्ट-ए करियर में 10,000 रन भी पूरे किए हैं।

आसान से लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारत को हालांकि अच्छी शुरुआत नहीं मिली और उसने 29 के कुल स्कोर पर अपने दो विकेट खो दिए। शिखर धवन के स्वदेश लौटने के कारण इस मैच में सलामी बल्लेबाजी करने उतरे अजिंक्य रहाणे (5) 17 के कुल स्कोर पर लसिथ मलिंगा का शिकार बने। वहीं दूसरे सलामी बल्लेबाज रोहित शर्मा 16 रनों का योगदान देकर 29 के कुल स्कोर पर विश्वा फर्नाडो का शिकार बने।

लेकिन इसके बाद विराट और मनीष पांडे (36) ने टीम का स्कोर 128 तक पहुंचाया। दोनों के बीच तीसरे विकेट के लिए हुई 99 रनों की साझेदारी को मालिंदा पुष्पाकुमारा ने तोड़ा। उन्होंने मनीष को कप्तान उपुल थरंगा के हाथों कैच कराया।

यहां से जाधव और विराट ने टीम को जीत की दहलीज तक बड़ी आसानी से पहुंचाया। दोनों ने चौथे विकेट के लिए 109 रनों की साझेदारी की। टीम को जब जीत के लिए दो रनों की जरूरत थी तभी जाधव वानिंडु हासारंगा की गेंद पर विकेटकीपर निरोशन डिकवेला को कैच दे बैठे। जाधव ने 73 गेंदों में सात चौकों की मदद से अर्धशतकीय पारी खेली। महेंद्र सिंह धौनी एक रन पर नाबाद लौटे।

इससे पहले, भुवनेश्वर की अगुआई में भारतीय गेंदबाजों श्रीलंका को 49.4 ओवरों में 238 रनों पर ही समेट दिया।

लाहिरू थिरिमाने (67) और पूर्व कप्तान एंजेलो मैथ्यूज (55) के बीच चौथे विकेट के लिए हुई 122 रनों की साझेदारी के बाद लग रहा था कि टीम एक अच्छा स्कोर खड़ा करेगी, लेकिन इन दोनों के जाने के बाद श्रीलंका टीम के बाकी बचे पांच विकेट महज 44 रनों पर ही गिर गए।

टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी मेजबान टीम को एक बार फिर खराब शुरुआत मिली। उसने 63 के कुल स्कोर पर ही अपने तीन विकेट खो दिए थे। डिकवेला (2) दिलशान मुनावीरा (4) और कप्तान थरंगा (49) पवेलियन लौट लिए थे।

श्रीलंकाई टीम यहां संकट में थी। उस पर जल्दी ऑल आउट होने का खतरा मंडरा रहा था, लेकिन मैथ्यूज और थिरिमाने ने उसे बचा लिया।

दोनों ने यहां से संभल कर खेलते हुए टीम को संकट से बाहर निकाला और चौथे विकेट के लिए शतकीय साझेदारी की। थिरिमाने, भुवनेश्वर की गेंद पर 39वें ओवर की पांचवीं गेंद दुर्भाग्यपूर्ण तरीके से बोल्ड हो गए। उन्होंने अपनी पारी में 102 गेंदों का सामना किया और तीन चौकों सहित एक छक्का लगाया। थिरिमाने 185 के कुल स्कोर पर आउट हुए।

श्रीलंकाई टीम अपने कुल स्कोर में नौ रनों का इजाफा ही कर पाई थी कि चाइनामैन गेंदबाज कुलदीप यादव ने मैथ्यूज को धौनी के हाथों कैच करा उनकी भी पारी का अंत किया। 98 गेंदों में 55 रन बनाने वाले मैथ्यूज ने चार चौके लगाए।

दो सेट बल्लेबाजों के जाने के बाद श्रीलंका की टीम एक बार फिर सकंट में थी और भारतीय गेंदबाजों के पास एक बार फिर उसे कम स्कोर पर रोकने का मौका था।

भारत ने इस मौके का बखूबी फायदा उठाया। बाकी के बल्लेबाज एक के बाद एक आउट होते रहे और श्रीलंका 238 के स्कोर से आगे नहीं जा पाई।

भुवनेश्वर के पांच विकेट के अलावा बुमराह ने दो विकेट लिए। कुलदीप और युजवेंद्र चहल को एक-एक सफलता मिली। एक बल्लेबाज रन आउट हुआ।