लखनऊ में कैंडल मार्च निकाल कर प्रद्य्मन को दी श्रद्धांजलि

लखनऊ, 14 सितम्बर 2017 (बचपन एक्सप्रेस) : गुरुग्राम के रेयान इंटरनेशनल स्कूल में 7 वर्षीय प्रद्य्मन की निर्मम हत्या का आक्रोश पूरे देश में फैला हुआ है, जिसका असर लखनऊ में भी देखने को मिला। लखनऊ के एल. डी. ए. कालोनी में बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर कल्याण समिति द्वारा ब्रहस्पतिवार शाम 6 बजे सेक्टर ऍफ़ से पराग डेयरी चौराहे तक कैंडल मार्च निकाला गया। इसके समिति के कार्यकर्ताओं समेत स्कूल जाने वाले बच्चों के अभिभावक भी बड़ी मात्रा में शामिल हुए। इस पैदल मार्च के द्वारा अभिभावक और समाज के ज़िम्मेदार नागरिकों ने शासन और स्कूल प्रशासन को यह चेतावनी दी की वो इस तरह की किसी घटना को बर्दाश्त नही करेंगे। कार्यक्रम का सञ्चालन समिति के महामंत्री सुभाष चंद्रा ने किया।

IMG_20170913_204637समिति के संचालक सरदार चरण सिंह ने कहा की गुरुग्राम में हुई यह घटना बेहद निंदनीय है और हम इसका विरोध करते है। हम चाहते हैं की प्रद्य्मन को जल्द से जल्द इंसाफ मिले और उसके कातिल सलाखों के पीछे पहुचे और साथ ही विद्यालय प्रशासन को भी उसकी लापरवाही के लिए दण्डित किया जाए ताकि यह समाज में यह सन्देश जाए की जुर्म करने वाले बक्शे नही जाएँगे साथ ही साथ बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था में कोताही करने वाले विद्यालय भी सजग हो जाए।

 

मार्च में शामिल हुई महिलाओं ने भी अपना आक्रोश व्यक्त किया। एल.डी.ए कॉलोनी निवासी परमजीत कौर ने कहा की हम विद्यालय प्रशासन की ज़िम्मेदारी पर अपने बच्चों को पढ़ने भेजते है मगर एस घटना के बाद हमे अब बच्चों की सुरक्षा की चिंता हो रही है। समिति के सदस्य सुदामा लाल ने बताया कि हाल ही में कई अखबार पत्रों द्वारा लखनऊ के स्कूलों में  हुई पड़ताल में सुरक्षा व्यवस्था में बराती जा रही लापरवाही की खबरों ने हमे और भी ज्यादा परेशानी में डाल दिया है। अगर जल्द ही सरकार ने स्कूलों की लगाम नही कसी तो कभी भी कही भी इस तरह की घटना हो सकती है। इसलिए आज हमने ये कैंडल मार्च निकाला है ताकि सरकार तक हम अपना सन्देश भेज सके कि हमे हमारे बच्चों की सुरक्षा के पुख्ता इंतज़ाम चाहिए।

कमेटी सदस्य के रूप में संतोष राव, ब्रिजेन्द्र शाही, धीरज कुमार, अभिषेक, दिनेश, शशांक, सतनाम सिंह, रमेश चन्द्र, शर्माराम, दिनेश कुमार, एवं स्कूली बच्चों में अमृत कौर, अर्श  वर्मा, अर्जुन, साक्षी, निधी, आदी, रिंकी, करन,  खुशबू मौजूद रहे।