जानिए मोदी जी के अलावा आज किस किस महान भारतीय का जन्मदिन है

बचपन एक्सप्रेस (लखनऊ 17 Sep. 2017)  आज भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का जन्मदिन है। ये बात हम बता रहे हैं तो क्या नया कर रहे हैं। मुख्यधारा के छोटे छोटे अखबारों से लेकर बड़े बड़े मीडिया हॉउस ने आपको ये बात इस तरह बताई है कि इस दिन का और किस महान भारतीय से सम्बन्ध है, ये बात आप सोच ही नहीं पाएंगे। मोदी जी देश के प्रधानमंत्री हैं। वो इस समय राजनीती के आकाश के सूर्य हैं और चढ़ते हुए सूर्य की उपासना तो हर कोई करता है। पर इस बात से दीपकों का महत्त्व कम तो नहीं होता। सूर्य के प्रशस्तिगान के मध्य भी दीपकों की रौशनी का महत्त्व घटता तो नहीं। दीपक उजियारा का प्रतीक है। उजियारे को मानने वाला हर व्यक्ति दीपकों के महत्त्व को समझता है।

किसी शायर ने शायद इसीलिए कहा था “ये शहर सारा रौशनी में धुला पड़ा है सो क्या लिखूं मैं, वो दूर जंगल में झोपडी में जो एक दिया है, वो शायरी है” दीपक शहरों से दूर सुदूर जंगल में जीवन का मंगल रचते हैं। और झोपड़ियों में उजियारे का महोत्सव होता है। जीवन एक सार्थक कविता हो जाता है और एक वैकल्पिक धारा ऐसी फूटती है कि सूर्य के बरक्स दीपक उजियारे  प्रतीक चिन्ह बनकर उभरता है।

पेरियार ई वी रामास्वामी

आज 17 सितम्बर है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के अलावा भी कई महान भारतियों का इसी दिन जन्म हुआ है। आज के ही दिन द्रविड़ अस्मिता के जनक, आत्मसम्मान आंदोलन के संस्थापक पुरोधा पेरियार ई वी रामास्वामी का जन्मदिन भी है। पेरियार का अर्थ तमिल में महामानव होता है। ये नाम उन्हें तमिल लोगों ने प्यार से दिया था। पेरियार का जन्म एक वैष्णव परिवार में हुआ पर उन्होंने आगे चल कर नास्तिकता का रास्ता चुना और खुद को बुद्धिवादी, सत्यान्वेषी कहने लगे। पेरियार खुद जयादा पढाई लिखाई नहीं कर सके पर तर्क करने और  मनुष्य के दुःख को महसूस करने का उनका गुण उन्हें मानव से महामानव बना गया। पेरियार आस्था, अध्यात्म और आत्मा-परमात्मा के बहस के पार जाते हुए, मनुष्य को आत्मसम्मान के लिए ईश्वर तक से लड़ जाने का सम्बल दे गए। पेरियार के लिए जीवन उद्देश्य अपने आत्मसम्मान की रक्षा करना, दूसरे के आत्मसम्मान को ठेस न पहुंचना और किसी शोषित के आत्मसम्मान के संघर्ष में भागिदार बनने से इतर कुछ और  नहीं था। उन्होंने रामायण गीता और भी ग्रंथों के ऊपर टीकाएँ की, जिस पर आज भी आपत्तियां और विवाद होता है। पेरियार का नजरिया वैकल्पिक और शोषितों के अनुभव पर आधारित नजरिया था। वो स्वयं हिन्दू समाज में पैदा हुए थे इसलिए हिन्दू धरम के प्रति उनकी आलोचना ज्यादा निर्माण थी, आलोचनात्मक तो वो सभी धर्मों के लिए थे।  वो असल में हिन्दू धरम का विरोध कर रहे थे पर उनके विरोध से हिन्दू धर्म में जो सुधार आये उससे उनकी भूमिका एक सुधारक की हो गयी बनिस्पत विरोधी के.

मक़बूल फ़िदा हुसैन

आज के ही दिन डॉ. राम मनोहर लोहिया के कहने पर रामायण सीरीज की शानदार पेंटिंग बनाने वाले एम. एफ़. हुसैन का का भी जन्मदिन है। एम. एफ़ हुसैन को एशिया का पिकासो का कहते हैं। मक़बूल फ़िदा हुसैन ने अपनी कूची से वो रंग भरा की पूरी दुनिया  भारत के रंग में रंग गयी। हुसैन एक बेहतरीन कलाकार थे, एक आटोबायॉग्रफर, एक महान चित्रकार और फिल्मकार और भारतीय इतिहास के जानकार। हुसैन भी भारत में काफी विवादों से घिरे रहे।  उनके ऊपर हिन्दू देवी देवता की अश्लील चित्र बनाने का आरोप था और इसीलिए उनकी आलोचना होती थी. हुसैन ने इसीलिए अपने आखरी दिनों में भारत छोड़ कर क़तर के नागरिकता ले ली, और अपनी मौत तक वहीँ पे रहे। मकबूल फ़िदा हुसैन कहते थे मैं भीतर से भारतीय हूँ। मैंने वैदिक कहानियां सुनी हैं वो मेरी स्मृति का हिस्सा हैं। और मेरा कोई काम इतिहास की अवेहलना और संस्कृति का अपमान नहीं है। जो व्यक्ति हिन्दू संस्कृति के बारे में ठीक से जनता है वो मुझे गलत नहीं मानता। हुसैन अपनी बातों में एक बात कहा करते थे।

 अनंत पै

आज के ही दिन भारत में कॉमिक्स के पितामह श्री अनंत पै का भी जन्म दिन है।  बच्चों के लिए अनंत पै, अनंत अंकल थे और उन्होंने हिंदुस्तानी बचपन में मासूमियत के रंग भरे हैं। जब तकनीक हम पर हावी नहीं हुई थी और हम 90 का दसक लांघ करके इक्सवीं शताब्दी की दहलीज पर कदम रख रहे थे उस समय “अमर चित्र कथा” हमारी स्मृतियों का सबसे बड़ा हिस्सा घेर रही थी। हम जो लोग उस दौर में बचपन का सफर तय कर रहे थे हमारी सबसे साथी “अमर चित्र कथा” ही थी और साथ में थे हमारे अनंत पै उर्फ़ अनंत अंकल। आज अनंत पै के जन्मदिन पर उन्हें बचपन एक्सप्रेस और बच्चों की तरफ से भावपूर्ण स्मरण।

रविचंद्रन आश्विन

फिरकी के  हिन्दुस्तान में  बादशाह कहे जाने वाले रविचंद्रन आश्विन का भी  जन्मदिन है। कुम्बले के बाद भारत ने अश्विन के रूप में एक सफल स्पिनर पाया है।  फिरकी के बल पर न जाने कितने महत्वपूर्ण मैच जिताये हैं। आश्विन एक गेंदबाज होने के साथ  कामचलाऊ बल्लेबाज भी हैं। अश्विन बच्चों के बीच काफ़ी  लोकप्रिय हैं। आज उनके जन्मदिन पर बचपन एक्सप्रेस और बच्चों की तरह से जन्मदिन की शुभकामनायें।

चलते चलते आखरी में  प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी को बचपन एक्सप्रेस की तरफ से भी जन्मदिन की बधाई और दीर्घायु की शुभकामनाएँ।

@Anurag Anant