उप्र कैबिनेट ने लिए कई फैसले, शिक्षा मित्रों को हल्की राहत

लखनऊ, 27 सितंबर 2017 (बचपन एक्सप्रेस): उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट की बैठक में सबसे अहम यह रहा कि शिक्षा मित्रों को सरकार की तरफ से वेटेज के रूप में थोड़ी राहत जरूर मिल गई। कैबिनेट के फैसले के मुताबिक, शिक्षा मित्रों को अधिकतम 25 अंक का वेटेज सरकार भर्ती के दौरान देगी। इसके अलावा कई और फैसले भी लिए गए। अब तक टीईटी पास अभ्यर्थियों की सीधे भर्ती हो रही थी, लेकिन अब उन्हें लिखित परीक्षा से भी होकर गुजरना होगा। मेरिट बनाते समय इस लिखित परीक्षा के अंक को भी जोड़ा जाएगा।

कैबिनेट मीटिंग के बाद सरकार के प्रवक्ता श्रीकांत शर्मा ने कहा कि कैबिनेट में शिक्षामित्रों से जुड़े प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। उन्होंने कहा कि योगी सरकार प्राथमिक स्कूलों में बच्चों को गुणवत्तापरक शिक्षा देने के लिए कटिबद्ध है। इसीलिए प्राइमरी स्कूल में सहायक अध्यापक बनने के लिए अब लिखित परीक्षा भी देनी होगी।

उन्होंने कहा कि लिखित परीक्षा टीईटी क्वालीफाई करने के बाद देनी होगी। शिक्षक भर्ती की मेरिट में लिखित परीक्षा के भी अंक जोड़े जाएंगे।

शर्मा ने कहा कि अब उप्र में लिखित परीक्षा के माध्यम से बेसिक शिक्षकों की भर्ती होगी। इसके लिए 60 नंबर लिखित और 40 नंबर एकेडमिक आधार पर दिए जाएंगे। इस परीक्षा में सिर्फ टीईटी पास अभ्यर्थी ही बैठ सकेंगे।

श्रीकांत शर्मा ने कहा कि शिक्षामित्रों के मामले में सरकार सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का अनुपालन करेगी।

हालांकि शिक्षामित्रों को भर्ती में भारांक (वेटेज) का लाभ देने संबंधी प्रस्ताव को भी कैबिनेट की मंजूरी मिल गई। शिक्षामित्रों को अधिकतम 10 साल के लिए 25 नंबर मिल सकेंगे। शिक्षामित्रों को प्रतिवर्ष के अनुभव के आधार पर ढाई नंबर मिलेंगे।

कैबिनेट के फैसले के बारे में शर्मा ने बताया, “यूपी बाल शिक्षा अधिकार नियमावली 2011 में संशोधन का प्रस्ताव दिया गया है। इसमें प्राइवेट स्कूलों में गरीब बच्चों को नियमित एडमिशन और मुफ्त पढ़ाई का आदेश दिया गया है। इन सभी को शिक्षा के अधिकार कानून के तहत लाया गया है।”