धनतेरस पर इन नियमों का पालन करेंगे तो बरसेगा धन

लखनऊ, 17 अक्टूबर 2017 (बचपन एक्सप्रेस) : धनतेरस दो शब्दों से मिलकर बना है- धन और तेरस। इसमें तेरस संस्कृति भाषा के त्रयोदस का हिंदी वर्जन है। हर साल कार्तिक कृष्ण की त्रयोदशी को धनतेरस धूमधाम से मनाया जाता है।

आज देशभर में धनतेरस मनाया जा रहा है. आज ही के दिन समुद्र मंथन के दौरान भगवान धनवंतरी प्रकट हुए थे. यही कारण है कि इस दिन धनवंतरी देव की पूजा की जाती है. माना जाता है कि इससे सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है. कुबेर देवता की पूजा भी की जाती है.

 धनतेरस पर लोग जमकर सोने-चांदी समेत अन्य नई-नई चीजें की खरीदारी करते हैं, क्योंकि इस दिन सोना-चांदी या नया सामान खरीदना शुभ माना है.

धनतरेस के दिन अमूमन लोग कुबेर देव की पूजा करते हैं ताकि संपन्नता आए. लेकिन इस रोज धनवंतरी देव की पूजा भी करें, वरना स्वास्थ्य पर असर हो सकता है
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लक्ष्मी पूजा के लिए लक्ष्मी-गणेश की मूर्ति या फोटो और पूजा की दूसरी चीजों की खरीददारी इसी दिन कर लें. धनतरेस पर लाई गई मूर्तियों की पूजा शुभ होती है.

लक्ष्मी और श्रीयंत्र खरीद सकते हैं. इनकी पूजा करने पर सुख-सौभाग्य में बढ़ोत्तरी होती है. इस दिन नया झाड़ू लेकर आएं और घर को बुहारें. इससे दरिद्रता दूर होती है.

पूजन सामग्री के साथ खील-बताशे और लक्ष्मी जी की पूजा के लिए मिट्टी का बड़ा सा दीपक लें. मोमबत्तियां भी जलाई जा सकती हैं लेकिन मिट्टी के दिए समृद्धि लाते हैं.

धनतेरस का दिन यूं तो पूरे दिन खरीदारी के लिए शुभ है, मगर शाम 7:22 बजे से रात 9:18 मिनट तक खरीदारी का सबसे अच्छा मुहूर्त है।