स्वच्छ भारत मिशन पूरे देश में गतिविधियों का आयोजन करके विश्व शौचालय दिवस मनाएगा

स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) समस्त राज्यों और जिलों में जन जागरूकता और सक्रिय गतिविधियों के आयोजन के साथ कल विश्व शौचालय दिवस मनाएगा। इसमें शौचालयों के उपयोग पर ध्यान केन्द्रित किया जाएगा, जो प्रधानमंत्री के अक्टूबर 2019 तक स्वच्छ भारत के आह्वान से जुड़ा है।

दिन के आयोजनों का मुख्य कार्यक्रम सभी जिलों में स्वच्छ भारत विश्व शौचालय दिवस प्रतियोगिता 2018 का आयोजन है। इसमें जिला, ब्लॉक और पंचायत स्तर की टीमों, स्वच्छताग्राहियों और स्वच्छता चैंपियनों को शामिल करके जमीनी स्तर की गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। इसका उद्देश्य समुदायों के साथ जुड़ना और स्वच्छता उपलब्धि को बनाए रखने के लिए राष्ट्रीय संकल्प की पुष्टि करना है। सभी राज्य और जिले देश में अभूतपूर्व गति से शौचालय और स्वच्छता के चारों ओर केंद्रित नवाचारी गतिविधियों के आयोजन से 9 नवंबर से ही एक प्रतियोगी रूप से कार्य कर रहे हैं। इन गतिविधियों की कल आयोजित होने वाली बड़ी पहलों के साथ ही समाप्त होने की उम्मीद है।

स्वच्छ भारत मिशन की स्थापना के बाद से ही भारत की ग्रामीण स्वच्छता कवरेज में महत्वपूर्ण वृद्धि हुई है। यह अक्टूबर 2014 में 39% थी जो आज बढ़कर 96% से अधिक हो गई है। ग्रामीण भारतीयों ने 8.8 करोड़ से ज्यादा घरेलू शौचालय बनाए हैं। इसके परिणामस्वरूप 25 राज्यों / केन्द्रशासित प्रदेशों, 530 जिलों और 5.2 लाख से अधिक गांवों ने अपने आपको खुले में शौच से मुक्त घोषित कर दिया है। ग्रामीण भारत में खुले में शौच जाने वाले लोगों की संख्या जो 2014 में 550 मिलियन थी, वे आज 100 मिलियन से भी कम रह गई है। इसमें स्वच्छ भारत मिशन के तहत हुई प्रगति का योगदान है। स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) द्वारा किए गए कार्यों को मान्यता देते हुए कल मुंबई में विश्व शौचालय सम्मेलन में पेयजल और स्वच्छता मंत्रालय को‘लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड’प्रदान किया जा रहा है।