ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय में कुलपति प्रो. अजय तनेजा के मार्गदर्शन में सेवा संकल्प अभियान-2026 एवं विश्वविद्यालय के 17वें स्थापना दिवस के अवसर पर बास्केटबॉल (महिला एवं पुरुष) टूर्नामेंट 2026-27 का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में विश्वविद्यालय के विभिन्न संकायों की टीमों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया और खिलाड़ियों ने उत्कृष्ट खेल कौशल, अनुशासन एवं टीम भावना का प्रदर्शन किया।

महिला वर्ग की प्रतियोगिता का शुभारंभ डॉ. पूनम चौधरी, संकायाध्यक्ष द्वारा किया गया, जबकि पुरुष वर्ग की प्रतियोगिता का शुभारंभ निदेशक प्रो. (डॉ.) शालिनी त्रिपाठी एवं डॉ. राजेंद्र कुमार त्रिपाठी ने किया।

महिला वर्ग के फाइनल मुकाबले में सामाजिक विज्ञान संकाय ने शानदार प्रदर्शन करते हुए इंजीनियरिंग एवं प्रौद्योगिकी संकाय को पराजित कर चैंपियनशिप अपने नाम की। इंजीनियरिंग एवं प्रौद्योगिकी संकाय उपविजेता रहा। वहीं, पुरुष वर्ग के रोमांचक फाइनल में विज्ञान संकाय ने फार्मेसी संकाय को हराकर विजेता का खिताब हासिल किया। फार्मेसी संकाय को उपविजेता से संतोष करना पड़ा।पूरी प्रतियोगिता के दौरान बास्केटबॉल कोर्ट पर खिलाड़ियों का उत्साह और प्रतिस्पर्धात्मक भावना देखने को मिली। खिलाड़ियों ने खेल भावना, अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास और टीमवर्क का प्रभावी प्रदर्शन किया। अतिथियों ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि खेल विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। खेलों से विद्यार्थियों में अनुशासन, नेतृत्व, सहयोग और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित होती है।

सेवा संकल्प अभियान के संदेश को आगे बढ़ाते हुए टूर्नामेंट के माध्यम से सेवा, अनुशासन, सामाजिक उत्तरदायित्व एवं स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूकता का संदेश दिया गया। साथ ही नशा मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत विद्यार्थियों को नशे से दूर रहने तथा स्वस्थ एवं सकारात्मक जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। प्रतियोगिता के निर्णायन में मुदससिर अली, मुदित शुक्ला, अब्दुल्लाह, सोनी यादव, मो. रेहान, विशाल, अयान हैदर, मनीष, कबीर, शीरीन उमर, पारुल सिंह, अयान वास्को एवं शादाब अली का महत्वपूर्ण योगदान रहा। टूर्नामेंट के सफल आयोजन में कुलसचिव श्री विकास, वित्त अधिकारी श्री संतोष कुमार, डॉ. नलिनी मिश्रा (अध्यक्ष, सांस्कृतिक समिति), मोहम्मद शारिक, डॉ. आरिफ अब्बास, डॉ. हसन मेहदी एवं डॉ. दीपिका दयालु सहित विश्वविद्यालय के अधिकारियों, शिक्षकों एवं स्पोर्ट्स क्लब के सदस्यों का सहयोग रहा।