महाराष्ट्र: स्वतंत्रता विधेयक 2026 ध्वनिमत से पारित

Update: 2026-03-17 05:04 GMT




महाराष्ट्र सरकार ने जबरन और अवैध धर्मांतरण पर रोक लगाने के उद्देश्य से सोमवार को विधानसभा में स्वतंत्रता विधेयक 2026 पेश किया जिसे ध्वनि मत से पारित कर दिया गया है।

इस विधयेक में जबरदस्ती, धोखाधड़ी, प्रलोभन या विवाह के माध्यम से कराए जाने वाले धर्मांतरण पर रोक लगाने के लिए कड़े प्रावधान किए गए हैं। वहीं, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस विधेयक को सभी धर्मों के लिए समान नियम लागू करने वाला बताया और कहा कि यह किसी धर्म विशेष को निशाना बनाने के लिए नहीं है।

विधेयक के अनुसार, धर्मांतरण करने से पहले संबंधित प्राधिकरण को नोटिस देना होगा और यदि यह स्वेच्छा से न हुआ तो इसे अवैध माना जाएगा। इसके अतिरिक्त, यदि विवाह के कारण धर्मांतरण हुआ हो और बाद में तलाक हो, तो अदालत को उस विवाह को रद्द करने का अधिकार होगा। विधेयक में जुर्माना और कारावास की सजा का भी प्रावधान है।

विधेयक पर शिवसेना और कांग्रेस ने समर्थन और विरोध दोनों की राय रखी। जहां शिवसेना ने समान नियमों का स्वागत किया, वहीं कांग्रेस ने सुरक्षा और अधिकारों से संबंधित सवाल उठाए। विपक्ष ने इसे एकतरफा और संवैधानिक अधिकारों के खिलाफ बताया। इस प्रकार, विधानसभा में धर्मांतरण विरोधी विधेयक पर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस हुई है।

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