प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि महिलाओं के नीति-निर्माण और निर्णय लेने में सक्रिय भागीदारी से विकसित भारत की यात्रा का दृष्टिकोण और मजबूत होगा
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि महिलाओं के नीति-निर्माण और निर्णय लेने में सक्रिय भागीदारी से वर्ष 2047 तक विकसित भारत की यात्रा का दृष्टिकोण और मजबूत होगा। भारत की नारी शक्ति को लिखे पत्र में श्री मोदी ने कहा कि 16 अप्रैल को संसद, नारी शक्ति वंदन अधिनियम से संबंधित महत्वपूर्ण संवैधानिक संशोधन पर चर्चा और उसे पारित करने के लिए दोबारा सत्र शुरू करेगी।
प्रधानमंत्री ने सदन में इस विधेयक के पारित होने की आशा व्यक्त की। उन्होंने कहा कि देशभर की महिलाएं विकसित भारत के निर्माण में योगदान देने का एक अनूठा अवसर मिलने पर खुशी व्यक्त कर रही हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि यदि 2029 के लोकसभा चुनाव और विभिन्न विधानसभा चुनाव, महिलाओं के लिए पूर्ण रूप से लागू होते हैं, तो देश का लोकतंत्र और अधिक मजबूत और जीवंत होगा। श्री मोदी ने कहा कि इस कानून को पारित करने में किसी भी प्रकार की देरी, दुर्भाग्यपूर्ण होगी और ये महिलाओं के साथ घोर अन्याय होगा। उन्होंने कहा कि जब देश की विधानसभाओं में महिलाओं की आवाज मजबूत होती है, तो लोकतंत्र की आवाज भी मजबूत होती है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जमीनी स्तर पर अनेको स्वयं सहायता समूह और लखपति दीदियां यह प्रदर्शित कर रही हैं कि आत्मनिर्भरता कैसे हासिल की जा सकती है और अन्य महिलाओं को कैसे सशक्त बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि विज्ञान और नवाचार में महिलाओं की भागीदारी लगातार बढ़ रही है। उन्होंने दशकों से लंबित इस व्यवस्था को लागू करने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।