भारत विश्व में नवीकरणीय ऊर्जा की स्थापित क्षमता में तीसरे स्थान पर है। मॉर्गन स्टेनली की नई रिपोर्ट के अनुसार, भारत का नवीकरणीय ऊर्जा परिवर्तन बाहरी निर्भरता को कम करने में सहायक होगा, लेकिन इसकी सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि देश में सौर सेल, वेफर और पॉलीसिलिकॉन जैसे महत्वपूर्ण घटकों का स्थानीय स्तर पर उत्पादन कितनी तेजी से होता है।
नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, घरेलू सौर मॉड्यूल क्षमता मार्च 2024 में 38 गीगावाट से बढ़कर मार्च 2025 में 74 गीगावाट हो गई। सौर सेल क्षमता भी 9 गीगावाट से बढ़कर 25 गीगावाट हो गई है। हालांकि, रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि भारत अब भी प्रमुख घटकों के लिए काफी हद तक आयात पर निर्भर है।