मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश मिलकर लिखेंगे सुशासन और आध्यात्मिक पर्यटन की नई इबारत : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

Update: 2026-04-01 04:48 GMT



 भोपाल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में विकास की एक नई इबारत लिखी जा रही है। मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश की सरकारें "विरासत के साथ विकास" के मंत्र को आत्मसात करते हुए सुशासन और धार्मिक पर्यटन के क्षेत्र में साझा संस्कृति विकसित कर रही हैं। यह न केवल दोनों राज्यों के संबंधों को प्रगाढ़ करेगा, बल्कि जन-कल्याण के नए मार्ग भी प्रशस्त करेगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने यह बात वाराणसी में विश्व प्रसिद्ध श्री काशी विश्वनाथ मंदिर कॉरिडोर के भ्रमण के दौरान कही। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपने वाराणसी भ्रमण की शुरूआत देवादिदेव महादेव श्री काशी विश्वनाथ जी के दर्शन और पूजन के साथ किया। उन्होंने मंदिर के गर्भगृह में विधि-विधान से पूजन कर मध्यप्रदेश की जनता की खुशहाली और निरंतर प्रगति की मंगलकामना की।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पावन गंगा घाट पहुँचकर पतित पावनी माँ गंगा के दर्शन किए। उन्होंने श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ माँ गंगा का पूजन किया और गंगाजल से आचमन किया। दर्शन और पूजन के बाद उन्होंने कहा कि बाबा विश्वनाथ के धाम में आकर जो आध्यात्मिक शांति प्राप्त होती है, वह अद्भुत है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंगलवार को वाराणसी भ्रमण के दौरान विश्व प्रसिद्ध श्री काशी विश्वनाथ मंदिर कॉरिडोर का भ्रमण किया।

उन्होंने कहा कि बाबा विश्वनाथ और बाबा महाकाल के धामों के बीच व्यवस्थाओं के सुदृढ़ीकरण और सूचनाओं के आदान-प्रदान के लिए एक महत्वपूर्ण एमओयू किया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य दर्शनार्थियों को सुगम और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंदिर परिसर में लोकमाता देवी अहिल्याबाई होलकर की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर नमन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वाराणसी के अनुभवों को मध्यप्रदेश के उज्जैन में होने वाले आगामी सिंहस्थ-2028 के लिए अत्यंत प्रासंगिक बताया। उन्होंने श्री काशी विश्वनाथ मंदिर ट्रस्ट के न्यासियों के साथ बैठक की। बैठक में प्रेजेंटेशन से कॉरिडोर में तीर्थयात्री प्रबंधन, क्राउड कंट्रोल (भीड़ प्रबंधन), दर्शन व्यवस्था और मोबाइल ऐप आधारित टोकन सिस्टम का बारीकी से अवलोकन किया।

उन्होंने कहा कि प्रयागराज कुंभ और काशी कॉरिडोर के प्रबंधन से सीख लेकर हम उज्जैन में श्रद्धालुओं के लिए दूरगामी योजनाएं तैयार कर रहे हैं। श्रद्धालुओं को दर्शन की उच्चतम और सुगम व्यवस्था देना हमारा लक्ष्य है। प्रेजेंटेशन से तीर्थ स्थल प्रबंधन की एसओपी को समझा। इसमें रियल टाइम सीसीटीवी मॉनिटरिंग, जोन-बेस्ड क्राउड कंट्रोल, सुरक्षा प्रोटोकॉल और स्वच्छता प्रबंधन के आधुनिक तौर-तरीकों पर चर्चा की गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को इस अवसर पर काशी विश्वनाथ मंदिर ट्रस्ट द्वारा 'ग्लोबल सनातन' पुस्तक भी भेंट की गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि उज्जैन के सम्राट विक्रमादित्य के सुशासन और न्यायप्रियता को जन-जन तक पहुँचाने के लिए आगामी 3 से 5 अप्रैल तक वाराणसी में महानाट्य का मंचन किया जा रहा है।

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