मध्यप्रदेश को मिल्क कैपिटल बनाने के प्रयास हो रहे फलीभूत : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

Update: 2026-05-22 05:21 GMT



 भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश को मिल्क कैपिटल बनाने के प्रयास फलीभूत होने लगे हैं। समन्वित प्रयासों से मध्यप्रदेश दुग्ध उत्पादन बढ़ाते हुए लंबी छलांग लगाने के लिए तैयार है। प्रदेश में प्रतिदिन 9.67 लाख किलोग्राम औसत दुग्ध संकलन की उपलब्धि दर्ज हुई है। यह गत वर्ष से 11 प्रतिशत अधिक है। इस उपलब्धि को निरंतर बढ़ाना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंत्रालय में पशुपालन विभाग की गतिविधियों की समीक्षा कर रहे थे।

बैठक में बताया गया कि गत छह माह में 11 लाख किलोग्राम से अधिक औसत प्रतिदिन दुग्ध संकलन हुआ है। दुग्ध संघों ने दुग्ध उत्पादक किसानों को गत वर्ष की तुलना में 15 प्रतिशत से अधिक राशि का भुगतान किया है। पशुपालन और डेयरी विकास राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) लखन पटेल, मुख्य सचिव अनुराग जैन और वरिष्ठ अधिकारी बैठक में उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में दुग्ध उत्पादन बढ़ाने, डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनू योजना, आचार्य विद्यासागर गौसंवर्धन योजना, मुख्यमंत्री डेयरी प्लस कार्यक्रम, मवेशियों के स्वास्थ्य की बेहतर देखरेख,चारा उत्पादन और उपलब्धता,पशु पोषण,स्वावलंबी गौशालाओं की स्थापना, क्षीरधारा ग्राम योजना,ब्रीडर एसोसिएशन,दुग्ध समृद्धि संपर्क अभियान, गोरस ण्ेप, राज्य सहकारी दुग्ध महासंघ के कार्यों और एनडीडीबी द्वारा दिए जा रहे सहयोग की विस्तारपूर्वक जानकारी प्राप्त की।

मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि वर्तमान में मध्यप्रदेश दुग्ध उत्पादन में देश में तीसरे क्रम पर है। हमारा लक्ष्य प्रथम क्रम पर आने का है। इस दिशा में प्रारंभ किए गए प्रयास सफल हो रहे हैं। प्रदेश में 1752 नई दुग्ध सहकारी समितियों का गठन किया गया है। ग्वालियर डेयरी प्लांट के आधुनिकीकरण, शिवपुरी डेयरी प्लांट को पुनर्जीवन देने, इंदौर में 3 लाख लीटर रोजाना क्षमता वाले मिल्क पाउडर प्लांट की शुरूआत जैसे ठोस कार्य हुए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि निश्चित ही इन प्रयासों से प्रदेश को दुग्ध उत्पादन और विक्रय के क्षेत्र में अग्रणी बनाने में सहयोग मिला है। ये प्रयास जारी रहना चाहिए।

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