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रिकॉर्ड 12.94 फीसदी के स्तर पर थोक महंगाई दर, खाने-पीने की चीजों के बढ़ते दामों का असर

रिकॉर्ड 12.94 फीसदी के स्तर पर थोक महंगाई दर, खाने-पीने की चीजों के बढ़ते दामों का असर

फूड प्रोडक्ट की बढ़ी कीमतों के कारण मई में खुदरा महंगाई दर पिछले महीने के 4.23% से बढ़कर 6.3% हो गई है. ये 6 महीनों का सबसे ऊंचा स्तर है. फूड प्रोडक्ट की महंगाई दर मई में 5.01 फीसदी रही, जो उसके पिछले महीने के 1.96 फीसदी से बहुत ज्यादा है. सरकार ने रिजर्व बैंक के सामने खुदरा महंगाई दर को 4 फीसदी तक सीमित रखने का लक्ष्य दिया था, जिसमें दो फीसदी का मार्जिन था. लेकिन अब ये आरबीआई के लिए निर्धारित लक्ष्य के दायरे से बाहर चली गई है.

रिपोर्ट में पाया गया कि 73 फीसदी वृद्धों ने कथित तौर पर कहा कि उनके खिलाफ दुर्व्यवहार के मामले लॉकडाउन के दौरान और बाद में बढ़े हैं और उनमें से 61 फीसदी ने दावा किया कि परिवारों में बुजुर्गों के साथ दुर्व्यवहार की तेजी से बढ़ती घटनाओं के लिए पारस्परिक संबंध मुख्य कारण थे. सर्वेक्षण के दौरान पाया गया कि प्रतिक्रिया देने वाले 65 फीसदी बुजुर्गों को अपने जीवन में उपेक्षा का सामना करना पड़ रहा है जबकि लगभग 58 फीसदी वृद्धों ने कहा कि वे अपने परिवारों और समाज में दुर्व्यवहार का शिकार हो रहे हैं.

देश की अर्थव्यवस्था लगातार संकट में है. देश की जीडीपी विकास दर पिछले वित्त वर्ष के दौरान माइनस 7.3 फीसदी रही है. मौजूदा वित्त वर्ष के लिए विकास दर के अनुमानों में लगातार कटौती की जा रही है. ऐसे में बढ़ती महंगाई आम आदमी के लिए दोहरी मुश्किल पैदा कर रही है. थोक महंगाई दर भी मई 2021 में रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच चुकी है. केंद्र सरकार द्वारा आज सोमवार 14 जून को जारी आंकड़ों के मुताबिक मई में थोक महंगाई दर 12.94 फीसदी तक चली गई थी. इस तेजी की एक वजह मई 2020 का लो बेस भी है.


अराधना मौर्या

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