दुनिया मे मची हलचल , भारत शुरू करेगा इ करेंसी , जानिए क्या होगा इसका असर

दुनिया मे मची हलचल , भारत शुरू करेगा इ करेंसी , जानिए क्या होगा इसका असर

मोदी सरकार ने भारत सरकार ने वित्त वर्ष 2022-23 के बजट में डिजिटल रुपया लाने की घोषणा की थी

– 30 मार्च, 2022 को सीबीडीसी जारी करने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक अधिनियम, 1934 में संशोधनों को सरकार ने राजपत्र अधिसूचना के माध्यम से अधिसूचित की

– 01 नवंबर, 2022 को होलसेल ट्रांजेक्शन के लिए डिजिटल रुपया (e₹) लांच कर दिया गया है |

इसका असर क्या होगा

अभी तक प्राइवेट प्लेयर डिजिटल करेंसी का इस्तेमाल कर रहे थे पर मोदी सरकार ने पूरे विश्व मे धमाका मचाते हुए एक नवंबर से डिजिटल करन्सी का इस्तेमाल शुरू कर दिया है |

इस करन्सी मे ९ बैंक है शामिल

इस पाइलट प्रोजेक्ट मे नौ बैंक होंगे। इनमें स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ बड़ौदा, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक, यस बैंक, आईडीएफसी फर्स्ट बैंक और एचएसबीसी बैंक शामिल हैं। ये बैंक गवर्नमेंट सिक्योरिटीज में लेनदेन के लिए इस डिजिटल करेंसी का इस्तेमाल करेंगे. इसे सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी यानी CBDC का नाम दिया गया है और भारत की ये पहली डिजिटल करेंसी आपके लिए बहुत कुछ बदलने वाली है।

जाने क्या है सिस्टम :

इस प्रायोगिक परिचालन के लिए उपयोग से संबंधित मामला सरकारी प्रतिभूतियों में द्वितीयक बाजार लेनदेन का निपटान है। ई₹-डब्ल्यू के उपयोग से अंतर-बैंक बाजार को और अधिक कुशल बनाने की उम्मीद है।

केंद्रीय बैंक मुद्रा में निपटान से, निपटान जोखिम को कम करने के लिए निपटान गारंटी अवसंरचना या संपार्श्विक की आवश्यकता को समाप्त कर लेनदेन लागत को कम किया जाएगा। आगे चलकर, इस प्रायोगिक परिचालन से मिले अनुभव के आधार पर भावी प्रायोगिक परिचालन के लिए अन्य थोक लेनदेन और सीमापारीय भुगतान पर ध्यान दिया जाएगा।

इस प्रायोगिक परिचालन में भाग लेने के लिए नौ बैंकों यथा, भारतीय स्टेट बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक, यस बैंक, आईडीएफसी फर्स्ट बैंक और एचएसबीसी की पहचान की गई है।

डिजिटल रुपया – खुदरा खंड (ई₹-आर) का पहला प्रायोगिक परिचालन सीमित उपयोगकर्ता समूहों, जिसमें ग्राहकों और व्यापारियों को शामिल किया जाएगा, के लिए चुनिंदा स्थानों पर एक महीने के भीतर शुरू करने की योजना है। ई₹-आर के प्रायोगिक परिचालन से संबंधित विवरण यथासमय सूचित किया जाएगा।


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