भारतीय रिज़र्व बैंक ने वक्रांगी लिमिटेड पर मौद्रिक दंड लगाया

भारतीय रिज़र्व बैंक ने वक्रांगी लिमिटेड पर मौद्रिक दंड लगाया


भारतीय रिज़र्व बैंक ने श्वेत लेबल एटीएम (डब्ल्यूएलए) संबंधी निदेशों के कतिपय प्रावधानों के अननुपालन हेतु वक्रांगी लिमिटेड (संस्था) पर ₹1,76,00,000 (एक करोड़ छिहत्तर लाख रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है।

यह दंड संदाय और निपटान प्रणाली अधिनियम, 2007 (पीएसएस अधिनियम) की धारा 30 के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।

यह कार्रवाई विनियामक अनुपालन में कमियों पर आधारित है और इसका उद्देश्य उक्‍त संस्था द्वारा अपने ग्राहकों के साथ किए गए किसी भी लेनदेन या समझौते की वैधता पर सवाल करना नहीं है।

पृष्ठभूमि

यह पाया गया कि संस्था एटीएम परिनियोजन लक्ष्यों पर भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जारी निदेशों का अनुपालन नहीं कर रही थी। तदनुसार, संस्था को एक नोटिस जारी किया गया जिसमें उससे यह पूछा गया कि वह कारण बताएं कि निदेशों के अननुपालन के लिए उस पर दंड क्यों न लगाया जाए।

संस्था के उत्तर और व्यक्तिगत सुनवाई के दौरान की गई मौखिक प्रस्तुतियों पर विचार करने के बाद, भारतीय रिज़र्व बैंक इस निष्कर्ष पर पहुंचा है कि भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जारी निदेशों के अननुपालन के उपर्युक्त आरोप सिद्ध हुए हैं और मौद्रिक दंड लगाया जाना आवश्यक है।

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