माइक्रोसॉफ्ट के बाद अब गूगल छटनी के तैयारी में

माइक्रोसॉफ्ट के बाद अब गूगल छटनी के तैयारी में


गूगल, नाम ही भरोसा देता हैl दुनियाभर में सबसे सेफ मानी जाने वाली कंपनी नौकरी के मामले में, लेकिन अब यहाँ भी छटनी होने वाला है।

कंपनी तकरीबन 12 हजार कर्मचारियों को नौकरी से निकालने वाली है। गूगल के मुख्य अधिकारी ने रॉयटर्स के साथ साझा किए गए एक स्टाफ मेमो में इस बात की जानकारी दी है। सुकून भरी सांसें ले रहे कर्मचारी पर गूगल की ओर से एक झटका होगा। ये छटनी वैश्विक स्तर पर की जा रही है। अनुमान यह लगाया जा रहा है की इसका जो प्रभाव है वह तो दुनिया भर केगूगल कर्मचारी पर असर छोड़ेगा लेकिन सबसे ज्यादा यूएस के कर्मचारी पर असर देखने को मिलेगा। नौकरियों में कटौती से कंपनी की सारी टीमें प्रभावित होंगी, इनमें रिक्रूटिंग और कॉर्पोरेट कामकाज के साथ-साथ इंजीनियरिंग व उत्पाद से जुड़ी टीमें भी शामिल हैं।

गूगल एक नया परफॉर्मेंस रिव्यू सिस्टम लेकर आ रहा है, इसे जल्द ही शुरू किया जाएगा. एम्प्लॉइज के परफॉर्मेंस कैलकुलेशन के लिए शुरू किए इस रिव्यू सिस्टम का नाम ग्रैड गूगल रिव्यूज एंड डेवलपमेंट रखा गया है। गूगल के इस कदम का असर 12,000 एम्प्लॉइज पर पड़ेगा। वहीं संभव है कि कंपनी ने अपना खर्च घटाने के लिए ही ये कदम उठाया हो। गूगल के कर्मचारियों का कहना है कि इस नए रैंकिंग सिस्टम के तहत कंपनी के करीब 6 प्रतिशत फुल टाइम कर्मचारी लो-रैकिंग कैटेगरी में आएंगे। पहले सिर्फ 2 प्रतिशत कर्मचारी इस दायरे में आते थे। वहीं नई रैकिंग प्रणाली में हाई मार्क को हासिल करना काफी मुश्किल है। इस सिस्टम में हाई रैकिंग में मुश्किल से 22 प्रतिशत एम्प्लॉइज के ही आने का अनुमान है, जबकि पहले ऐसे कर्मचारियों का नंबर 27 प्रतिशत हुआ करता था।

नवंबर के महीने में गूगल ने तकरीबन 1 फीसद कर्मचारियों की पहचान करने के लिए कहा गया था जो अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पा रहे हैं। जिसकी वजह से बिजनेस पर प्रभाव पड़ रहा है जिसके बाद अब 12 हजार जो की दुनियभर में गूगल वर्कफोर्स की 6 प्रतिशत है, कर्मचारियों को एक लिस्ट तैयार हो गई है।

अल्फाबेट के सीईओ सुंदर पिचाई ने एक नोट में कहा, "मैं अपने मिशन की ताकत, हमारे उत्पादों और सेवाओं के मूल्य और एआई में हमारे शुरुआती निवेश की बदौलत सामने आने वाले बड़े अवसर को लेकर आश्वस्त हूं। " यह खबर आर्थिक अनिश्चितता के साथ-साथ टेक्नालॉजिकल प्रॉमिस के उस दौर में आई है, जब गूगल और माइक्रोसॉफ्ट सॉफ्टवेयर के नए क्षेत्र में निवेश कर रहे हैं। इसको जनरेटिव आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के रूप में जाना जाता है।

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