SBI की नवीनतम इकोरैप रिपोर्ट में भारतीय अर्थव्यवस्था के सकारात्मक रुझान
एसबीआई की इकोरैप रिपोर्ट में भारतीय अर्थव्यवस्था के सकारात्मक रुझान दिखाए गए हैं, जैसे महंगाई में गिरावट, औद्योगिक उत्पादन में वृद्धि और मजबूत...


एसबीआई की इकोरैप रिपोर्ट में भारतीय अर्थव्यवस्था के सकारात्मक रुझान दिखाए गए हैं, जैसे महंगाई में गिरावट, औद्योगिक उत्पादन में वृद्धि और मजबूत...
एसबीआई की इकोरैप रिपोर्ट में भारतीय अर्थव्यवस्था के सकारात्मक रुझान दिखाए गए हैं, जैसे महंगाई में गिरावट, औद्योगिक उत्पादन में वृद्धि और मजबूत कॉर्पोरेट आय। हालांकि, वैश्विक अनिश्चितताओं और आयातित महंगाई (विदेशी उत्पादों की कीमतें) पर ध्यान बनाए रखने की सलाह दी गई है।
भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने अपनी ताजा इकोरैप रिपोर्ट जारी की है, जिसमें भारतीय अर्थव्यवस्था के प्रमुख पहलुओं पर सकारात्मक रुझान व्यक्त किए गए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, 2025 में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ब्याज दरों में 75 आधार अंकों की कटौती कर सकता है, जिससे आर्थिक गतिविधियों को और बढ़ावा मिलेगा।
फरवरी 2025 में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) महंगाई दर 3.6% पर आ गई, जो पिछले सात महीनों का सबसे निचला स्तर है। इसका कारण मुख्य रूप से खाद्य पदार्थों की कीमतों में गिरावट, खासकर लहसुन, आलू और टमाटर जैसी सब्जियों की कीमतों में भारी कमी को माना जा रहा है।
इसके अलावा, औद्योगिक उत्पादन में भी सुधार दिखा है। जनवरी 2025 में औद्योगिक उत्पादन 5% बढ़ा, जो दिसंबर 2024 के मुकाबले काफी बेहतर है। मैन्युफैक्चरिंग और खनन क्षेत्रों में खास वृद्धि देखी गई, जिसमें विनिर्माण क्षेत्र में 5.5% और खनन क्षेत्र में 4.4% की वृद्धि हुई है।
कॉर्पोरेट क्षेत्र भी मजबूती दिखा रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2025 की तीसरी तिमाही में करीब 4,000 लिस्टेड कंपनियों की आय 6.2% बढ़ी है, विशेष रूप से FMCG, हेल्थकेयर, और फार्मास्यूटिकल्स क्षेत्रों में।
हालांकि, रिपोर्ट में यह भी चेतावनी दी गई है कि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं और आयातित महंगाई (विदेशी उत्पादों की कीमतें) पर नजर रखना जरूरी होगा। इन कारकों के बावजूद, भारतीय अर्थव्यवस्था को लेकर सकारात्मक रुझान हैं, जिसमें गिरती महंगाई दर, मजबूत औद्योगिक उत्पादन और स्वस्थ कॉर्पोरेट आय शामिल हैं।