विशेष अदालत ने हर मामलों पर मुख्तार अंसारी की व्यक्तिगत पेशी का दिया आदेश

विशेष अदालत ने हर मामलों पर मुख्तार अंसारी की व्यक्तिगत पेशी का दिया आदेश

मुख्तार अंसारी को विशेष अदालत ने उप कारापाल पर हमला, तथा जेल में पथराव की धमकी देने के मामले में बृहस्पतिवार को 11 अगस्त को व्यक्तिगत रूप से पेश करने का आदेश दिया। बता दें कि अदालत ने इस मामले में अपने आदेश की प्रति अनुपालनार्थ बांदा जेल के वरिष्ठ जेल अधीक्षक के साथ ही अतिरिक्त महानिदेशक कारागार, लखनऊ के पुलिस आयुक्त, पुलिस महानिदेशक, प्रमुख सचिव गृह व मुख्य सचिव को भी भेजने का आदेश दिया है।


गौरतलब है कि इससे पहले जिला कारागार बांदा के वरिष्ठ जेल अधीक्षक ने एक प्रार्थना पत्र के जरिए अदालत को बताया कि अभियुक्त को गंभीर बीमारियां है। जिसकी वजह से अदालत के समक्ष उपस्थित होने में असमर्थ है, लिहाजा गुजारिश है कि उसके विरुद्ध आरोपों का निर्धारण की कार्यवाही वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से की जाए।


विशेष अदालत के विशेष न्यायाधीश ने अपने आदेशों के जरिए कहा कि वरिष्ठ जेल अधीक्षक ने प्रार्थना पत्र में इस संदर्भ में कोई आख्या नहीं दी है कि उनके द्वारा अभियुक्त को आरोपों का निर्धारण के लिए अदालत में उपस्थित कराया जा सकता है अथवा नहीं? जबकि इस मामले में अभियुक्त की मात्र पेशी नहीं होनी है बल्कि उस पर आरोप निर्धारित किया जाना है।


इतना ही नहीं आपको बता दें कि संबंधित मामलों में मुख्तार अंसारी के अलावा युसूफ चिश्ती समेत आलम और कल्लू पंडित लालजी यादव का भी आरोपी होना लगभग तय हो चुका है। और सभी मुजरिम अदालत में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित भी हो चुके हैं।


आपको बता दें कि तीन अप्रैल 2000 को इस मामले की प्राथमिकी लखनऊ के कारापाल एसएन द्विवेदी ने थाना आलमबाग में दर्ज कराई थी। इस मामले में मुख्तार अंसारी, युसुफ चिश्ती, आलम, कल्लू पंडित व लालजी यादव आदि को नामजद किया गया था। प्राथमिकी के मुताबिक, पेशी से वापस आए बंदियों को जेल में दाखिल कराया जा रहा था। इनमें से एक बंदी चांद को विधायक मुख्तार अंसारी के साथ के लोग बुरी तरीके से मारने लगे।


जिसके तुरंत बाद आवाज सुनकर कारापाल एसएन द्विवेदी व उपकारापाल बैजनाथ राम चैरसिया तथा कुछ अन्य बंदीरक्षक उसे बचाने का प्रयास करने लगे। इस पर उन्होंने इन दोनों जेल अधिकारियों व प्रधान बंदीरक्षक स्वामी दयाल अवस्थी पर हमला बोल दिया, किसी तरह अलार्म बजाकर स्थिति को नियंत्रित किया गया। अलार्म बजने पर यह सभी भागने लगे, साथ ही इन जेल अधिकारियों पर पथराव करते हुए जानमाल की धमकी भी देने लगे। विवेचना के बाद इस मामले में अभियुक्तों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया गया था।


नेहा शाह


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