पेगासस मामले में उच्चतम न्यायालय की टिप्पणी के बाद पी चिदंबरम ने केंद्र सरकार से किया सवाल

पेगासस मामले में उच्चतम न्यायालय की टिप्पणी के बाद पी चिदंबरम ने केंद्र सरकार से किया सवाल


कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने उच्चतम न्यायालय की तरफ से पेगासस जासूसी मामले में केंद्र सरकार को नोटिस दिए जाने पर सवाल किया है । बुधवार को उन्होंने दावा किया कि सॉलिसिटर जनरल का सर्वोच्च अदालत के समक्ष यह कहना पेगासस के उपयोग की स्वीकारोक्ति है कि इस स्पाईवेयर के बारे में सरकार के पास सूचना है जिसे सार्वजनिक नहीं किया जा सकता।

इस दौरान उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा कि सॉलिसिटर जनरल ने उच्चतम न्यायालय को सूचित किया कि सरकार के पास सूचना है जिसे हलफनामे के जरिये सार्वजनिक नहीं किया जा सकता। यह इस बात की स्वीकारोक्ति है कि इस सॉफ्टवेयर-स्पाईवेयर का उपयोग किया गया। यह किसके लिए इस्तेमाल हुआ, हम यह नहीं जानते हैं।

इतना ही नहीं वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने कहा कि हम यह जरूर जानते हैं कि एक स्पाईवेयर का उपयोग किया गया जिससे पेगासस कहते हैं। इसके इस्तेमाल का मकसद क्या था? अगर सरकार इस सवाल का जवाब दे तो शेष सवालों के जवाब अपने आप मिल जाएंगे।

इस दौरान सिलसिलेवार ट्वीट में उन्होंने इसराइल कंपनी एनएसओ समूह पर ट्वीट करते हुए कहा कि एनएसए समूह ने स्वीकार किया है कि पेगासस स्पाईवेयर है, जिसका उपयोग फोन हैक करने में होता है। सरकार इस सवाल का जवाब देने की इच्छुक क्यों नहीं है कि क्या किसी एजेंसी ने पेगासस स्पाईवेयर खरीदा और इसका इस्तेमाल किया? हम इसका सीधा जवाब चाहते हैं।

आपको बता दें कि उच्चतम न्यायालय ने कथित पेगासस जासूसी मामले की स्वतंत्र जांच कराने की मांग से संबंधित याचिकाओं पर मंगलवार को केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया और यह स्पष्ट किया कि वह नहीं चाहता कि सरकार ऐसी किसी बात का खुलासा करे, जिससे राष्ट्रीय सुरक्षा से समझौता हो। इस दौरान

प्रधान न्यायाधीश एन वी रमण, न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति अनिरुद्ध बोस की तीन सदस्यीय पीठ ने यह टिप्पणी सरकार के यह कहने के बाद की कि हलफनामे में सूचना की जानकारी देने से राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा जुड़ा है।

नेहा शाह

Next Story
Share it