बहुत लंबे हैं क्राइम ब्रांच की साइबर सेल के हाथ

बहुत लंबे हैं क्राइम ब्रांच की साइबर सेल के हाथ

- हैदराबाद से ठगों ने लगाई थी सूर्यांश के खातों में सेंध

-क्राइम ब्रांच की साइबर सेल ने जाल बिछाकर अभियुक्त दबोचे

-नकली आधार कार्ड बनवाकर ठगों ने लिया डुप्लीकेट सिम

-गूगल में पढ़ी थी मसाला कारोबारी के जेल जाने की खबर

-ठगी की रकम से बुक कराए फ्लैट और करी मौज मस्ती

-ठगी का मामला खोलने वाली टीम को 50 हजार का इनाम

प्रमुख संवाददाता

कानपुर। कमिश्नरेट पुलिस में क्राइम ब्रांच की साइबर सेल के हाथ बहुत लंबे हैं। बच नहीं सकते हैं शातिर साइबर अपराधी। मामला मसाला कारोबारी सूर्यांश खरबंदा के खातों से लाखों की मोटी रकम को पार कर देने को लेकर है। सूर्यांश खरबंदा के खातों से हैदराबाद के ठगों ने सेंध लगाई थी। क्राइम ब्रांच की साइबर सेल ने ठगी के पूरे मामले का राजफाश करने के साथ ही दोनों ठगों को भी गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस टीमें अभियुक्तों से पूछताछ कर पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुटी हैं।

थाना नजीराबाद से दहेज हत्या के मामलें में गिरफ्तार पीड़ित सूर्यांश खरबन्दा के जेल जाने के बाद उनके खाते से साइबर ठगों ने 95 लाख रुपये पार कर दिए थे। थाना नजीराबाद में मुकदमा दर्ज करके क्राइम ब्रांच की साइबर सेल के पास गया। पूरे मामले की जांच के लिये एक एक कड़ी को जोड़ने के बाद साइबर सेल को बड़ी सफलता मिली है।

ऐसे हुई ठगी

सूर्यांश खरबंदा के जेल जाने की खबर साइबर ठगों को गूगल पर मिली, इसके बाद ठगों ने मसाला कारोबारी की डिटेल निकाली और नकली आधार कार्ड बनाकर सूर्यांश के मोबाइल नम्बर को पोर्ट करा लिया। इसके बाद ठगों द्वारा उनके बैंक ऑफ बड़ौदा और पबपबप के बैंक खातों से चौक बुक जारी करवा कर लगभग 95 लाख रुपये की ठगी की गई। जिसके सम्बन्ध में थाना नजीराबाद पर पंजीकृत मु०अ०सं० 23/ 22 धारा 420/467/468/471 /120बी भादवि व 66 डी आईटी एक्ट की विवेचना थाना नजीराबाद से स्थानान्तरित होकर प्रभारी निरीक्षक अपराध शाखा राजकेसर यादव द्वारा की जा रही है।

साइबर सेल व सर्विलास सेल के संयुक्त सहयोग से अज्ञात ठगों का पता लगाकर हैदराबाद से गिरफ्तार कर ट्रांजिट रिमांड पर कानपुर नगर लाया गया है, जिन्हे न्यायालय के समक्ष पेश किया जायेगा। गिरफ्तारी के बाद अभि०गणों द्वारा घटना को स्वीकार किया गया है और ठगी के पैसे घूमने फिरने, खान-पान व रियल स्टेट फ्लैट एग्रीमेंन्ट में एडवांस के रूप में खर्च कर दिया जाना बताया गया है। पुलिस आयुक्त विजय सिंह मीना ने पूरे मामले का राजफाश करने वाली क्राइम ब्रांच की टीम को 50 हजार रुपये का इनाम और प्रशस्ति पत्र देने की घोषणा की है।

पकड़े गए अभियुक्ततों में यारा साई निवासी हैदराबाद उम्र- 30 वर्ष और निमग्दा फनी हैदराबाद उम्र 35 वर्ष शामिल है। गिरफ्तार करने वाली टीम में उ0नि0 पुनीत तोमर (प्रभारी साइबर सेल), आरक्षी जितेन्द्र कुमार गर्ग (सर्विलांस सेल), आरक्षी प्रबल प्रताप सिंह (स्वाट टीम), आरक्षी शुभम ( साइबर सेल ), आरक्षी चालक-प्रवीण कुमार (अपराध शाखा) है। ठगी का मामला खोलने वाली टीम को 50 हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की गई है।

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