देवरिया दोहरा हत्याकांड: नौकरी, मुआवजे की मांग को लेकर शव का दाह संस्कार करने से किया मना, पुलिस ने लाठी भांजकर खदेड़ा

देवरिया दोहरा हत्याकांड: नौकरी, मुआवजे की मांग को लेकर शव का दाह संस्कार करने से किया मना, पुलिस ने लाठी भांजकर खदेड़ा

जिले के बरहज थाना क्षेत्र के चकरा नोनार गांव में दो सगे भाइयों की हत्या के बाद बुधवार को शव पुलिस की निगरानी में परिजन बरहज के गौरा कटईलवा घाट पर लेकर पहुंचे। जहां परिजन पचास- पचास लाख रुपये मुआवजा और मृतक के आश्रितों को सरकारी नौकरी देने की मांग करने लगे और दाह संस्कार रोक दिया। इसको लेकर घाट पर हंगामा होने लगा। छह थानों की पुलिस लोगों को समझाने में जुटी रही, लेकिन परिजनों ने दाह संस्कार करने से मना कर दिया। इसको लेकर अफरा- तफरी मच गई। भीड़ उग्र हो गई तो पुलिस ने लाठी भांजकर लोगों को तितर- बितर कर शव को कब्जे में ले लिया। पुलिस लाठी चार्ज में मृतक की पत्नी और पुत्र सहित कई लोगों को हल्की चोटें आईं हैं। काफी देर बाद बाद सहमति बनने के बाद शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया।

बता दे कि चकरा नोनार गांव निवासी सगे भाइयों रमेश यादव और कोकिल की मंगलवार की सुबह गोली मार कर हत्या कर दी गई थी। फायरिंग में चार और पथराव में दो लोग घायल हुए थे। रात में करीब दस बजे शव गांव पहुंचा तो परिजनों की चित्कार से पूरे गांव में मातम छा गया। घटना को लेकर गांव में तनाव को देखते हुए काफी संख्या में पुलिस बल पहुंच गया।

बुधवार को सुबह पुलिस को भनक लगी कि परिजन शव लेकर करूअना चौराहे पर पहुंच कर जाम कर प्रदर्शन करने वाले हैं। इस पर पुलिस बुधवार की सुबह करीब आठ बजे शव को वाहन में लेकर बरहज घाट की ओर निकल पड़ी और परिजन शव के पीछे-पीछे चल पड़े। पुलिस दोनों सगे भाइयों का शव लेकर कटइलवा घाट पर पहुंची और दाह संस्कार के लिए शव को रख दिया। वहीं परिजनों व ग्रामीणों ने मुआवजा, सरकारी नौकरी और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग को लेकर दाह संस्कार करने से मना कर दिया, इसको लेकर पुलिस से नोकझोंक और धक्का-मुक्की हो गई। कुछ ही देर में भीड़ को काबू में करने के लिए पुलिस ने लाठियां फटकनी शुरू कर दी। घाट पर भगदड़ मच गई। इस दौरान मृतक रमेश की पत्नी चंपा देवी, बेटा सत्यम, कोकिल की पत्नी रीता, ओम प्रकाश, रोहित सहित अन्य चोटिल हो गए। घटना की जानकारी होते ही एसडीएम संजीव कुमार, पूर्व स्वामीनाथ यादव सहित अन्य नेता मौके पर पहुंच गए। परिजन मुआवजे की मांग पर अड़े रहे। इसको लेकर घाट पर काफी संख्या में भीड़ जुट गई थी। सीओ देव आनंद ने बताया कि भीड़ को समझा बुझाकर शव का अंतिम संस्कार करा दिया गया है।

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