निराश्रित एवं बेसहारा गौवंशों की कब्रगाह बनी लौली गौशाला

निराश्रित एवं बेसहारा गौवंशों की कब्रगाह बनी लौली गौशाला

प्रदेश सरकार की उत्कृष्ठ गौशाला योजना में आजकल पलीता लगाने का काम वही कर रहे हैं जिन्हें सरकार द्वारा ही गौवंशों के संरक्षण का दायित्व सौंप रखा गया है,और इधर गौवंश के माई-बाप बनने का दायित्व मिला नही कि खेला शुरू ।

वैसे आपको जानकर हैरानी बिल्कुल नही होनी चाहिए कि इन संरक्षको पर सरकार प्रतिमाह लाखो रूपये सिर्फ इसलिए लुटाती है कि ये सांस्कृतिक तथा धार्मिक रूप से उदात्त तथा दैवीय गुणों को धारण करने वाली गायों का विशेष संरक्षण तथा इनकी देखभाल सुनिश्चित करने में कोई लापरवाही न बरतें ।

लेकिन इन सब के बावजूद भी कभी-कभी कुछ ऐसे वीडियो व चित्र सोशल मीडिया के माध्यम से प्राप्त होते हैं जिन्हें देखकर सामान्य व्यक्ति उलझन में आ सकता है ।

जी हम बात कर रहें हैं एक ऐसे ही वीडियो की जो आज हमे सोशल मीडिया के माध्यम से प्राप्त हुआ है जो बताया जा रहा है कि अमेठी जैसे वीवीआईपी जिले के सिंहपुर ब्लॉक के लौली ग्राम पंचायत का है जहां के राजनीतिक मंचों का प्रयोग अक्सर विशेष धार्मिक लोगों को अपनी योजनाओं से लुभाने के लिए किया जाता रहा है । वीडियो में दिखने वाली इस गौशाला को बने महज अभी चार माह भी नहीं बीते की गौवंशों के भूख से तडप तडप कर मरने का वीडियो सामने आने लगा, जिसमे साफ-साफ देखा जा सकता है किस तरह तीन गायें अलग-थलग मृत पडी हुई हैं।

इस मामले में गांव वालो से बात करने पर पता चला कि "इस पूरे प्रकरण पर सरकार तथा अमेठी के प्रशासकों के आंखो पर पट्टी बंधी हुई है जिसे उतार पाना तीन-चार गायों के मृत शरीर के वीडियो से मुमकिन नही, इस दुर्दमनीय कृत्य के लिए जहां एक तरफ उक्त गौशाला का मुख्य संरक्षक जिम्मेदार है,जो वर्तमान प्रधान भी है तो वहीं दूसरी ओर इस प्रकरण पर अपनी चुप्पी साधने वाले अमेठी के लोक सेवक भी"।

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