ऑनलाइन नौकरी धोखाधड़ी मामले में पुलिस ने चार साइबर जालसाजों को असम से किया गिरफ़्तार

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ऑनलाइन नौकरी धोखाधड़ी मामले में पुलिस ने चार साइबर जालसाजों को असम से किया गिरफ़्तार

पंजाब पुलिस के साइबर अपराध प्रभाग ने असम के अलग-अलग जिलों से चार साइबर अपराधियों को गिरफ़्तार करके एक अंतरराष्ट्रीय ऑनलाइन नौकरी धोखाधडी के मामले का पर्दाफाश किया है। पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव ने यह जानकारी दी। यादव ने बताया कि यह गिरोह के ‘टेलिग्राम’ मोबाइल एप के ग्रुपों का प्रयोग करके ‘‘वर्क फ्रॉम होम’’ की नौकरियों की पेशकश करके भोले-भाले व्यक्तियों को अपने जाल में फंसाता था। उन्होंने बताया कि इस गिरोह के सदस्य पीड़ित को अपने जाल में फंसाने के लिए पहले छोटे-मोटे काम करने के बदले रकम अदा करते थे और फिर बाद में उन्हें बड़ी रकम दिलाने के नाम पर अलग-अलग तरह के बहाने कर उन्हें ठगते थे। उन्होंने कहा कि इन गिरफ़्तारियों से पंजाब पुलिस ने पूरे देश में बड़े स्तर पर फैले साइबर धोखाधड़ी पर नकेल कसने के लिए बड़ा कदम उठाया है।

गिरफ़्तार किए गए व्यक्तियों की पहचान जहीरुल इस्लाम, रफीउल इस्लाम, महबूब आलम और अज़ीज़ुर रहमान के रूप में हुई है। पुलिस टीमों ने उनके पास से दो स्वाइप मशीनें, दो बायोमैट्रिक स्कैनर, एक आई स्कैनर, एक फिंगरप्रिंट स्कैनर, 38 पैन कार्ड, 32 डेबिट/क्रेडिट कार्ड, 16 सिम कार्ड, 10 वोटर कार्ड, 9 आधार कार्ड, 10 बैंक खातों की पासबुक/चैकबुक, पाँच सरकारी रसीदी टिकटें, पाँच मोबाइल फ़ोन, एक लैपटॉप, दो पैन ड्राईव और एक एसबीआई आईडी कार्ड बरामद किया है। एडीजीपी साईबर क्राइम वी. नीरजा ने बताया कि धोखेबाज़ों द्वारा 25 लाख रुपए की ठगी का शिकार हुई एक महिला की शिकायत के बाद उप निरीक्षक जुझार सिंह जंजुआ और दविन्दर काश्नी के नेतृत्व में साइबर अपराध टीम ने मामले की जांच की और पाया कि यह गिरोह असम के अलग-अलग जिलों से चलाया जा रहा था।

ऑपरेशन के दौरान, मुलजिम जहीरुल इस्लाम और रफीउल इस्लाम को असम के नगाओं जिले से गिरफ़्तार किया गया, जिन्होंने खुलासा किया कि वह ऑनलाइन सेवाएं प्रदान करने के लिए एक कस्टमर सर्विसिज प्वाइंट (सीएसपी) चला रहे थे और आसान ढंग से पैसे कमाने के लिए वह आम लोगों के दस्तावेज़ों के अडोब फोटोशॉप सॉफ्टवेयर का प्रयोग करके डुप्लिकेट पैन कार्ड, वोटर कार्ड, आधार कार्ड बनाते थे, जिनका प्रयोग उन्होंने बैंक खाते खोलने और एक अन्य दोषी महबूब आलम के निर्देशों पर सिम कार्ड प्राप्त करने के लिए किया था।

एडीजीपी ने कहा कि इसके बाद महबूब आलम को गुवाहाटी जिले से गिरफ़्तार किया गया, जिसने खुलासा किया कि वह अज़ीज़ुर रहमान के संपर्क में आया था, जिसने उसे कमीशन के आधार पर बैंक खाते मुहैया करवाने के लिए कहा था। पुलिस टीमों ने असम के मोरीगांव जि़ले से मुलजिम अज़ीज़ुर रहमान को भी गिरफ़्तार कर लिया है। डीआईजी. साइबर क्राइम नीलांबरी जगदले ने बताया कि जांच में सामने आया है कि अब तक 23 राज्यों के 160 पीडितों के साथ धोखाधड़ी की गई है और आगे की जांच के दौरान और पीडि़तों की पहचान होने की जा सकती है। प्राथमिक जांच से यह भी पता लगा है कि मुख्य सरगना, जो विदेशों से इस धोखाधड़ी के रैकेट को चला रहे हैं, क्रिप्टोकरंसी में पैसे प्राप्त कर रहे थे। उन्होंने कहा कि डीएसपी साईबर क्राइम, प्रभजोत कौर द्वारा जांच की जा रही है और अन्य गिरफ़्तारियाँ होने की आशा है।

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