ऑनलाइन पढाई से छात्रों के सामने कई तरह की चुनौतियां आ रही है

ऑनलाइन पढाई से छात्रों के सामने कई तरह की चुनौतियां आ रही है

ऑनलाइन पढाई से छात्रों के सामने कई तरह की चुनौतियां आ रही है

छात्र-छात्राओं के भविष्य पर भी ध्यान दें उत्तर प्रदेश सरकार

कोविड-19 कोरोना जैसी महामारी के कारण देश के सभी शिक्षण संस्थानों के बंद हो जाने के कारण छात्र-छात्राओं को शिक्षा का जिस प्रकार से ज्ञान होना चाहिए उस प्रकार से नहीं हो पाया।

शिक्षण संस्थान विद्यालय विश्वविद्यालय के बंद हो जाने के कारण छात्र-छात्राओं की पढ़ाई वंचित रह गई लेकिन शिक्षण संस्थान विश्वविद्यालय छात्र छात्राओं से शुल्क लेने में कोई कमी नहीं छोड़े छात्र छात्राओं से पूरे वर्ष की शुल्क वसूल की गई किंतु पढ़ाई का कोई नामोनिशान नहीं है।

शिक्षण संस्थान लाइव क्लास चला रहा है जूम एप , जिओ मीट के माध्यम से जब कभी इंटरनेट का नेटवर्क धीमा होता है तो नेटवर्क कट जाता है और बच्चों की पढ़ाई अधूरी रह जाती है नेटवर्क से संबंधित बहुत सारी समस्याएं आती है ऑनलाइन क्लास में

अध्यापकों के द्वारा सिलेबस के हिसाब से नोट्स पीडीएफ में भेज दिया जाता है बच्चों के मोबाइल पर जो कि आए दिन किसी न किसी कारण से या कुछ छोटी गलतियों से डिलीट हो जाता है और बच्चों की पढ़ाई अधूरी रह जाती है।

हाई स्कूल हो या इंटर कॉलेज डिग्री कॉलेज हो या इंजीनियरिंग या मैनेजमेंट सभी छात्र छात्राओं को इन समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है यदि इसी तरीके से चलता रहा आगामी परीक्षा सर पर है पढ़ाई का नामोनिशान नहीं है छात्र छात्राओं को अपना भविष्य अंधकार में दिखाई दे रहा है कोरोना महामारी से पहले हुई परीक्षा में कुछ छात्र छात्राओं का इंजीनियरिंग मैनेजमेंट पॉलिटेक्निक जैसी परीक्षाओं में बैक लगा हुआ है जिसका अभी तक कोई फॉर्म नहीं आया जिससे कि उनका बैक खत्म हो सके और वह आगे की पढ़ाई मन लगा कर सकें छात्र-छात्राओं की मांग यह है कि जिस प्रकार से सभी दुकान सभी शोरूम पूरे समय तक खोले जा रहे हैं सभी कंपनियां 12 घंटा 10 घंटा काम करवा रही हैं अपने कर्मचारियों से सभी सरकारी संस्थान में कर्मचारी काम कर रहे हैं पूरी ड्यूटी निभा रहे हैं उसी प्रकार कॉलेज पूरे समय तक खोले जाए जिससे कि छात्र छात्राओं की पढ़ाई पूर्ण हो सके।

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