अब आर्टिफीसियल इंटेलिजेंस पढने के लिए विदेश नहीं जाना होगा , देश में खुला पहला डिजिटल विश्वविद्यालय

अब आर्टिफीसियल इंटेलिजेंस पढने के लिए विदेश नहीं जाना होगा , देश में खुला पहला डिजिटल विश्वविद्यालय


देश में पहला डिजिटल शिक्षा का केंद्र केरल में खुल गया है | ये विश्वविद्यालय तिरुवनंतपुरम के पास मंगलापुरम स्थित टेक्नोसिटी में है | केरल के मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर आयोजित समारोह में कहा की ये शिक्षा के क्षेत्र में क्रन्तिकारी कदम है और इससे एक नए युग का सूत्रपात हुआ है |

केरल पहले से ही शिक्षा के क्षेत्र में काफी आगे है और वहा शत प्रतिशत साक्षरता हासिल हो चुकी है जो इस राज्य के लिए गर्व की बात है | यहाँ बड़ी संख्या में ऐसे लोग रहते है जो विदेशो में नौकरी करते है और अपने घर परिवार के पास वहाँ से पैसे भेजते है |

इस विश्वविद्यालय की पट्टिका का अनावरण राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने किया जो कि केरल के राज्यपाल है | वो इस विश्वविद्यालय के कुलाधिपति भी है | मुख्यमंत्री और राज्यपाल दोनों ने इस कार्यक्रम को डिजिटल माध्यम से संबोधित किया |

उद्घाटन संबोधन के दौरान खान ने कहा कि डिजिटल विश्वविद्यालय की शुरुआत राज्य द्वारा नई प्रौद्योगिकी को बढ़ावा देने और लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव के लिए उसका उपयोग करने के संकल्प का हिस्सा है।

श्री नारायण गुरु ओपन विश्वविद्यालय की शुरुआत समेत उच्च शिक्षा के क्षेत्र में राज्य सरकार द्वारा की गई हालिया पहल की प्रशंसा करते हुए राज्यपाल ने कहा कि जीवन के हर पहलू में ज्ञान साहस, बेहतर समझ, स्वीकार्यता और एकता लाता है और साथ ही हमें अज्ञानता के चंगुल से मुक्त कराता है।

केरला यूनिवर्सिटी ऑफ़ डिजिटल साइंसेज , इनोवेशन एंड टेक्नोलॉजी की स्थापना 2020 में केरल सरकार द्वारा इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट , केरल को अपग्रेड करके की गई थी।

यह केरल राज्य में एक नॉन एफिलिएटिंग अनुसंधान और स्नातकोत्तर शिक्षण विश्वविद्यालय है, जो डिजिटल टेक्नोलॉजीज में अध्ययन, अनुसंधान, ऊष्मायन और विस्तार कार्य को बढ़ावा देने और विज्ञान, इंजीनियरिंग और मानविकी में इसके अनुप्रयोग डोमेन को बढ़ावा देता है।

इस दौरान, मुख्यमंत्री विजयन ने कहा कि देश में पहले डिजिटल विश्वविद्यालय की शुरुआत के साथ ही युवाओं के लिए शानदार अवसर पैदा होंगे। उन्होंने कहा, ''विश्व में हो रहे बदलाव के साथ ही हमें लोगों को तकनीकी रूप से दक्ष बनाने की आवश्यकता है।


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