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लखनऊ विश्वविद्यालय में लेबर कोड्स कार्यशाला का आयोजन....

लखनऊ विश्वविद्यालय में लेबर कोड्स कार्यशाला का आयोजन....



लखनऊ विश्वविद्यालय के विधि संकाय में लेबर कोड्स पर एक कार्यशाला का आयोजन हुआ। इस कार्यशाला का संचालन लखनऊ विश्वविद्यालय मूट कोर्ट एसोसिएशन द्वारा किया गया। इस कार्यशाला में अतिथि वक्ता के रूप में कपिल गौड़, अधिवक्ता एवं लेबर लॉज़ के विशेषज्ञ उपस्थित रहे। सर्वप्रथम लखनऊ विश्वविद्यालय मूट कोर्ट एसोसिएशन द्वारा इस कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं एवं अन्य अतिथियों का परिचय दिया गया। विधि संकाय के प्रमुख एवं विभागाध्यक्ष प्रोफेसर सी.पी.सिंह ने इस कार्यक्रम के हेतु को परिलक्षित किया तथा कार्यक्रम की भूमिका को रखा। उन्होंने बताया कि विधि के क्षेत्र में स्थिर व्यक्ति कभी प्रगतिशील नहीं हो सकता क्योंकि विधि गतिशील है, वो निरन्तर नए-नए आयामो को अपने मे समाहित करती है और पुराने उपबंधों को विकसित करती है।

समय के अनुसार अपने को बदलना, अपने मे नवीनता लाना विधि के छात्र की पहचान है। केंद्र सरकार द्वारा जो नए लेबर कोड देश के सामने प्रस्तुत किये गए हैं, जिनसे देश की अर्थव्यवस्था में उत्तरोत्तर प्रगति की आशा है, उनके सम्बन्ध में इस कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। देश की अर्थव्यवस्था का एक अभिन्न अंग इस देश का मजदूर और एम्प्लायर वर्ग है। इनके लिए जो विशिष्ट उपबन्ध किये गए हैं, उन्हें विधि के एक जागरूक छात्र के रूप में जानना समय की महती आवश्यकता है। हमारा संकाय इंडिया टुडे की रैंकिंग के अनुसार देश के टॉप 10 विधि संकायों में से एक है, और इस नाते हमारा कर्तव्य बनता है कि हम अपने सभी छात्रों को चाहे वो किसी भी संकाय का हिस्सा हो को नित नए नियमों, कानूनों, संवैधानिक विधियों से अवगत कराएं।

कार्यक्रम के विशिष्ट वक्ता कपिल गौड़ को उनके अभिभाषण के लिए आमंत्रित किया। कपिल ने अपने अभिभाषण का प्रारंभ संविधान एवं संविधानवाद से किया। उन्होंने संविधान के गुण को बताया तथा उसके बाद मूल अधिकारों पर प्रकाश डाला। उन्होंने नए लेबर कोड के विषय मे विस्तार से अपने विचारों को प्रकट किया तथा लेबर कोर्ट के बारे में महत्वपूर्ण बिंदुओं को भी रखा। इसके पश्चात श्रोताओं ने अपने सवालों तथा लेबर लॉ पढ़ते वक्त आने वाली कठिनाइयों को कपिल जी के सम्मुख रखा जिनका निदान कपिल जी द्वारा बड़ी ही सहजता और सरलता के साथ दिया गया। कार्यक्रम का आभार प्रदर्शन लखनऊ विश्वविद्यालय मूट कोर्ट एसोसिएशन के वरिष्ठ सदस्य सौरभ कुमार दुबे द्वारा दिया गया।

अराधना मौर्या

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