लखनऊ विश्वविद्यालय में बढ़ा छात्र आवेदन कुलपति बोले - नई शिक्षा नीति लागू होने के कारण आ रहा छात्रों में उत्साह

लखनऊ विश्वविद्यालय में बढ़ा छात्र आवेदन कुलपति बोले - नई शिक्षा नीति लागू होने के कारण आ रहा छात्रों में उत्साह



महामारी के बाद अब सरकार ने फिर से एक बार विश्व विद्यालय खोलने के आदेश दिए है। आपको बता दें कि साल 2020-21 के आने वाले सत्र में महामारी के बावजूद देश-प्रदेश के छात्र छात्राओं ने लखनऊ विश्वविद्यालय में प्रवेश के लिए जमकर आवेदन किया।

यदि प्रवेश परीक्षा आवेदन कि बात करे तो साल 2020-21 के 63944 फार्म के मुक़ाबले साल 2021-2022 में 73084 फार्म छात्रो द्वारा भरे गए। यानी हर बार से करीब 14.3 फ़ीसदी आवेदन में वृद्धि हुई है।

आवेदन के वृद्धि प्रतिशत को देखे तो 2020-2021 में- स्नातक (UG)में कुल 44252 और स्नातकोत्तर (PG) 19367 आवेदन हुए, वहीं 2021-22 में वृद्धि दर बढकर क्रमश: 48022 और 24397 आवेदन पर पहुंची। डिप्लोमा और सर्टिफिकेट पाठ्यक्रमों में भी 104% से अधिक की वृद्धि हुई, जानकारी के लिए बता दें कि डिप्लोमा कोर्सेज के लिए अवदान अभी चल रहा है।

बता दें कि लखनऊ विश्वविद्यालय में पढ़ने के लिए इच्छुक छात्रों की बढ़ती संख्या का श्रेय माननीय कुलपति प्रोफेसर आलोक कुमार ने नई शिक्षा नीति 2020 के दिया।

इस दौरान उन्होने कहा कि विश्वविद्यालय के शिक्षकों ने NEP2020 की घोषणा के तुरंत बाद अपने पाठ्यक्रमों को नई शिक्षा नीति के हिसाब से नवीनीकृत किया, एवं NEP 2020 के सभी आयामों का ध्यान रखते हुए मल्टीपल एंट्री एग्जिट प्वाइंट्स, एकेडमिक बैंक ऑफ क्रेडिट, और इंटर डिसीप्लिनरी एजुकेशन को भी पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया था, जिसके फलस्वरूप आज प्रदेशभर से छात्र लखनऊ विश्वविद्यालय में पढ़ने आना चाहता है।

इतना ही नहीं उन्होने आगे कहा कि पिछले डेढ़ वर्ष में शिक्षा व शोध के साथ-साथ छात्र कल्याण, महिला छात्र सुरक्षा एवं समाज के प्रति विश्वविद्यालय के दायित्व के क्षेत्र में भी आगे बढ़ रहा है जिसकी वजह से संस्थान पर छात्रों व उनके अभिभावकों का विश्वास भी बढ़ा है।

मीडिया कर्मियों से बात करते हुए उन्होंने छात्रों को स्वागत करते हुए कहा कि उन्हें उम्मीद है कि विश्वविद्यालय परिवार के आने वाले नए सदस्य संस्थान की गरिमा, प्रतिभा और लोकप्रियता में अपना योगदान भी देंगे।

नेहा शाह

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