अम्बेडकर यूनिवर्सिटी में नैक की तैयारियों का जायजा लेगी अकादमिक ऑडिट टीम

अम्बेडकर यूनिवर्सिटी में नैक की तैयारियों का जायजा लेगी अकादमिक ऑडिट टीम

बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय में नैक के मूल्याकन के लिए तैयारियों का जायजा लेने के लिए कुलपति के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया गया है जो हर विभाग में जाकर वहां पर उनकी तैयारियों का जायजा लेगी | बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय में सभी लोग नैक के मूल्यांकन को लेकर आशान्वित है की विश्वविद्यालय को पिछली बार से अच्छी रैंक मिलेगी |

एनआई आर ऍफ़ में ६५ वा स्थान पाने के बाद से शिक्षको और छात्रो में उत्साह है और वो लोग ये महसूस करते है की अब विश्वविद्यालय को पुनः A, या फिर उससे ज्यादा अच्छी रैंक मिलेगी | हाल में ही आउटलुक पत्रिका द्वारा किये गए सर्वे में भी विश्वविद्यालय को १० वा स्थान प्राप्त हुआ है |

विश्वविद्यालय भी अपने पहले विवादों वाली छवि से निकल कर अब वर्तमान कुलपति प्रो. संजय सिंह के नेतृत्व में आगे बढ़ने को तैयार दिख रहा है | जिस प्रकार से वर्तमान कुलपति ने पिछले विवादों का समाधान किया और अब शांति पूर्वक विश्वविद्यालय को आगे लेकर चल रहे है उसमे सभी को अब लग रहा है की एनआई आर ऍफ़ में ६५ वा स्थान पाने के बाद अब बारी नैक की है जिसमे अच्छी रैंक पाना कुलपति और शिक्षको का लक्ष्य है |

इस दिशा में तैयारी का जायजा लेने के लिए टीम का गठन हुआ है और ये टीम विभिन्न विभागों में जाकर उनके डॉक्यूमेंट का सत्यापन कर उसे पूरी तरह से तैयार रहने के लिए कहेगी | हालाकि अगर सूत्रों की माने तो अभी नैक की तारीख तय नही है पर ये अक्टूबर , नवम्बर माह में हो सकता है |

विश्वविद्यालय ने ऑफलाइन कक्षा को भी आरम्भ कर दिया है और शोध छात्रो के लिए हॉस्टल की सुविधा की तैयारियों का भी पूरा ख्याल रखा जा रहा है | इस बार एनआई आर ऍफ़ में पब्लिक परसेप्शन में छवि सुधरी है जिसका असर नैक मूल्यांकन पर भी पड़ेगा |

क्या है कमजोरी - विश्वविद्यालय में छात्रो को खेलने की सुविधा का मैदान अभी पूरी तरह से तैयार नही हो पाया है और अगर इसमें विश्वविद्यालय सुधार कर ले तो उसको फायदा होगा | इसी तरह हेल्थ सेंटर में डॉक्टर की नियुक्ति से लेकर उसको इस तरह का बनाना की अगल -बगल के समाज के लोगो को भी फायदा हो इसकी भी तैयारी अच्छा अंक दिला सकती है |

विश्वविद्यालय में इन्नोवेशन को लेकर काफी प्रयास हो रहे है और इसी क्रम में इसकी वेबसाइट भी बना दी गयी है पर जमीन पर ऐसा कोई केंद्र अभी नहीं है जहाँ छात्र और शिक्षक जाकर इन्नोवेशन के बारे में जानकारी ले सके | अगर विश्वविद्यालय जल्दी से इसके भवन और काम काज का लेखा जोखा तैयार कर ले तो इससे उसके तैयारियों को बल मिलेगा |




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