भारत के प्रति निष्ठा का नाम ही भारतीयता हैः प्रो0 सत्य प्रकाश

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भारत के प्रति निष्ठा का नाम ही भारतीयता हैः प्रो0 सत्य प्रकाश



अयोध्या। डाॅ0 राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के हिंदी भाषा एवं प्रयोजनमूलक विभाग तथा क्षेत्रीय भाषा केंद्र के संयुक्त तत्वाधान में 28वें दीक्षांत सप्ताह समारोह के अंतर्गत भारत और भारतीयता विषय पर विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बतौर मुख्य वक्ता बी.एन.के.बी, पीजी कालेज अकबरपुर के हिंदी विभागाध्यक्ष प्रो0 सत्य प्रकाश त्रिपाठी रहें। उन्होंने कहा कि भारत की पहचान उसकी अध्यामिकता के कारण ही होती है।

भारत के प्रति निष्ठा का नाम ही भारतीयता है एवं भारतीयता का प्रतीक है। भारतीय होने के लिए किसी जाति या महजब का होना आवश्यकता नहीं, भारत के प्रति आस्था ही भारतीयता है। कार्यक्रम में उन्होंने किसी देश को समझना है तो वहां की संस्कृति को समझना जरूरी है संस्कृति खत्म तो देश खत्म। मानव जीवन की सर्वश्रेष्ठ अभिव्यक्ति ही हमारी संस्कृति है। अतः इस देश की संस्कृति राम और कृष्ण की है जिसमे साथ ही साथ गौतम बुद्ध की करुणां, गुरुनानक एवं महावीर के संदेश समाए है। उन्होंने भारत के गौरवशाली इतिहास पर प्रकाश डालते हुए कहा कि तमाम संस्कृतियां भारत में आई और भारत की ही हो गई।

मोक्ष की धारणा केवल भारत भूमि में ही है भारत में जन्म लेने की लिए देवता भी लालायित रहते है। इसके उन्होंने अमीर खुसरो, रहीम, रसखान, विवेकनंद के महत्पूर्ण विचारों पर भी प्रकाश डाला। कार्यक्रम में अतिथियों के प्रति स्वागत विभाग के समन्वयक डॉ0 सुरेंद्र मिश्र द्वारा किया गया। कार्यक्रम का संचालन डॉ0 सुमन लाल ने किया। अतिथियों के प्रति धन्यवाद ज्ञापन डॉ0 प्रत्याशा मिश्रा द्वारा किया गया। इस अवसर पर डॉ0 स्वाति सिंह, डॉ0 दिव्य वर्मा सहित छात्र-छात्राएं मौजूद रही।

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