रूट्स टू रीयूनियन’ में पुरानी यादें हुईं ताज़ा, 13 वर्ष बाद चिश्तियंस (पूर्व छात्र) बने फिर से विद्यार्थी
लखनऊ। ख़्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग द्वारा एलुमनाई मीट ‘रूट्स टू रीयूनियन – यादों की शाम फिर साथ-साथ’...

लखनऊ। ख़्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग द्वारा एलुमनाई मीट ‘रूट्स टू रीयूनियन – यादों की शाम फिर साथ-साथ’...
लखनऊ। ख़्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग द्वारा एलुमनाई मीट ‘रूट्स टू रीयूनियन – यादों की शाम फिर साथ-साथ’ का भव्य एवं भावनात्मक आयोजन किया गया। इस अवसर पर वर्ष 2013 से 2025 तक के विभिन्न बैचों के पूर्व छात्र लगभग 13 वर्षों बाद अपनी पुरानी कक्षाओं में लौटे, जिससे पूरा परिसर स्मृतियों, आत्मीयता और उल्लास से भर उठा।
पूर्व छात्रों ने विभाग के साथ-साथ कैंटीन, स्टूडियो, छात्रावास एवं विश्वविद्यालय परिसर के विभिन्न स्थलों का भ्रमण किया और अपने छात्र जीवन के अनुभवों व संघर्षों को साझा किया। कार्यक्रम के दौरान पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग की एलुमनाई एसोसिएशन की कार्यकारिणी समिति के चुनाव भी सम्पन्न हुए। इसमें संदीप तिवारी को अध्यक्ष, आकांक्षा यादव को महासचिव, नवीद मजीद को उपाध्यक्ष, आशीर्वाद गौतम को सचिव तथा आयुष तिवारी को कोषाध्यक्ष निर्विरोध चुना गया।
कार्यक्रम में माननीय कुलपति प्रो. अजय तनेजा ने सभी पूर्व छात्रों का गुलाब भेंट कर आत्मीय स्वागत किया। अपने प्रेरक संबोधन में उन्होंने कहा कि किसी भी शैक्षणिक संस्थान की वास्तविक पहचान उसके पूर्व छात्रों की सामाजिक, पेशेवर और नैतिक उपलब्धियों से होती है। उन्होंने गर्व व्यक्त करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय के पत्रकारिता विभाग के पूर्व छात्र आज मीडिया उद्योग, फिल्म निर्माण, रंगमंच, डिजिटल प्लेटफॉर्म्स तथा अन्य प्रतिष्ठित संस्थानों में उल्लेखनीय योगदान दे रहे हैं। उन्होंने नव-निर्वाचित कार्यकारिणी को बधाई देते हुए आशा व्यक्त की कि एलुमनाई एसोसिएशन भविष्य में विभाग और विद्यार्थियों के बीच एक सशक्त सेतु का कार्य करेगी।
एलुमनाई एसोसिएशन द्वारा विभाग के पूर्व छात्र डॉ. नीरज सिंह को शैक्षणिक क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए स्मृति चिह्न एवं अंगवस्त्रम भेंट कर सम्मानित किया गया। इसके अतिरिक्त विभाग के शिक्षक डॉ. नसीब को उनके समर्पित शिक्षण, मार्गदर्शन और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में योगदान के लिए ‘बेस्ट टीचर’ सम्मान से अलंकृत किया गया।
इस अवसर पर विषय प्रभारी डॉ. रुचिता चौधरी ने अपने उद्बोधन में कहा कि एलुमनाई किसी भी शैक्षणिक संस्थान की जीवित विरासत होते हैं। उनके अनुभव, संघर्ष और सफलताएँ वर्तमान विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनती हैं। उन्होंने कहा कि विभाग भविष्य में एलुमनाई के सहयोग से अकादमिक, प्रशिक्षण और मेंटरशिप से जुड़े कार्यक्रमों को और सशक्त करेगा।
वहीं पुरातन विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए कुलानुशासक डॉ. नीरज शुक्ला ने कहा कि एलुमनाई मीट केवल पुनर्मिलन का अवसर नहीं, बल्कि संस्थान के प्रति उत्तरदायित्व और जुड़ाव को पुनः सुदृढ़ करने का मंच है। उन्होंने पूर्व छात्रों से विश्वविद्यालय की सकारात्मक छवि समाज में प्रस्तुत करने का आह्वान किया।
इस अवसर पर बोलते हुए विभाग के शिक्षक डॉ. सचिंद्र शेखर ने कहा कि पत्रकारिता का क्षेत्र निरंतर परिवर्तनशील है और ऐसे मंच पूर्व छात्रों एवं वर्तमान विद्यार्थियों के बीच संवाद स्थापित कर व्यावहारिक ज्ञान साझा करने का सशक्त माध्यम बनते हैं। वहीं विशेष आमंत्रित डॉ. नीरज सचान ने अपने संबोधन में कहा कि एलुमनाई की सहभागिता से विभाग को उद्योग और अकादमिक जगत के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने में सहायता मिलेगी।
वहीं विभाग के शिक्षक डॉ. काज़िम रिज़वी ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन भावनात्मक जुड़ाव के साथ-साथ पेशेवर नेटवर्किंग को भी प्रोत्साहित करते हैं, जो विद्यार्थियों के भविष्य निर्माण में सहायक सिद्ध होते हैं।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पूर्व छात्र उपस्थित रहे। यह एलुमनाई मीट पुरानी यादों, आत्मीय संवाद, प्रेरक अनुभवों और नए संबंधों के साथ एक भावनात्मक एवं अत्यंत स्मरणीय संध्या में परिवर्तित हो गया।





