हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्षीय सफर पर विश्वविद्यालय में ऑनलाइन व्याख्यान आयोजित

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हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्षीय सफर पर विश्वविद्यालय में ऑनलाइन व्याख्यान आयोजित
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महाराजा सुहेल देव विश्वविद्यालय, आजमगढ़ के राजनीति विज्ञान विभाग, पत्रकारिता एवं जनसम्प्रेषण विभाग तथा हिंदी विभाग के संयुक्त तत्वावधान में “हिंदी पत्रकारिता और भारतीय लोकतंत्र: सत्ता, समाज और संवाद का 200 वर्षीय सफर” विषयक ऑनलाइन व्याख्यान का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. संजीव कुमार के मार्गदर्शन में ऊर्जा संरक्षण को ध्यान में रखते हुए गूगल मीट के माध्यम से संपन्न हुआ, जिसमें शिक्षक, शोधार्थी एवं विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।

कार्यक्रम का स्वागत वक्तव्य पत्रकारिता एवं जनसंप्रेषण विभाग के विभागाध्यक्ष श्री नितेश सिंह ने प्रस्तुत किया। उन्होंने हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष पूर्ण होने के ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हिंदी पत्रकारिता ने भारतीय समाज, संस्कृति और लोकतांत्रिक मूल्यों के संरक्षण एवं संवर्धन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

मुख्य वक्ता प्रो. राजेश कुमार गर्ग, प्रोफेसर, हिंदी विभाग, इलाहाबाद विश्वविद्यालय ने हिंदी पत्रकारिता की विकास यात्रा, उसकी वैचारिक भूमिका तथा भारतीय लोकतंत्र में उसके योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि हिंदी पत्रकारिता ने स्वतंत्रता आंदोलन से लेकर वर्तमान समय तक जनमत निर्माण और सामाजिक जागरण का महत्वपूर्ण कार्य किया है।

विशिष्ट वक्ता एवं नवभारत टाइम्स के वरिष्ठ पत्रकार श्री गौरव अवस्थी ने पत्रकारिता के समकालीन स्वरूप, डिजिटल मीडिया की चुनौतियों तथा लोकतांत्रिक व्यवस्था में मीडिया की जिम्मेदारियों पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने पत्रकारिता में महिलाओं के योगदान पर भी प्रकाश डाला और कहा कि पत्रकारिता का मूल दायित्व सत्य, निष्पक्षता और जनहित की रक्षा करना है।

कार्यक्रम का संचालन डॉ. निधि सिंह, हिंदी विभाग एवं सभी अतिथियों, प्रतिभागियों एवं आयोजन से जुड़े सभी सदस्यों के प्रति राजनीति विज्ञान विभाग के श्री सूर्य प्रकाश अग्रहरि ने धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने हिंदी पत्रकारिता के दो शताब्दियों के गौरवपूर्ण इतिहास का उल्लेख करते हुए पत्रकारिता को लोकतंत्र का सशक्त चौथा स्तंभ बताया।

कार्यक्रम में देश के विभिन्न प्रदेशों से लगभग 100 प्रतिभागियों की सहभागिता रही जिनमें शिक्षकगण, शोधार्थी एवं विद्यार्थि ऑनलाइन उपस्थित रहे। तथा प्रश्नोत्तर सत्र में प्रतिभागियों ने विषय से संबंधित जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया।

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