महाराजा सुहेल देव विश्वविद्यालय, आजमगढ़ में नारी शक्ति वंदन अधिनियम, 2023 पर संगोष्ठी एवं विविध प्रतियोगिताओं का आयोजन
महाराजा सुहेल देव विश्वविद्यालय, आजमगढ़ में “नारी शक्ति वंदन अधिनियम, 2023 का विकसित भारत @2047 में योगदान” विषय पर एक दिवसीय संगोष्ठी का सफल आयोजन...

महाराजा सुहेल देव विश्वविद्यालय, आजमगढ़ में “नारी शक्ति वंदन अधिनियम, 2023 का विकसित भारत @2047 में योगदान” विषय पर एक दिवसीय संगोष्ठी का सफल आयोजन...
महाराजा सुहेल देव विश्वविद्यालय, आजमगढ़ में “नारी शक्ति वंदन अधिनियम, 2023 का विकसित भारत @2047 में योगदान” विषय पर एक दिवसीय संगोष्ठी का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी, लैंगिक समानता एवं समावेशी विकास के महत्व पर व्यापक चर्चा करना रहा।
कार्यक्रम का शुभारंभ कुलपति महोदय द्वारा दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया और एलएल.एम की छात्रा निष्ठा सिंह ने सरस्वती वंदना की प्रस्तुति की । इसके पश्चात मुख्य एवं विशिष्ट अतिथि का विश्विद्यालय प्रतिक चिन्ह,पौधा एवं अंगवस्त्रम देकर परिसर में स्वागत एवं सत्कार हुआ | संगोष्ठी में विशिष्ट वक्ता डॉ० मनमोहन विश्वकर्मा ने अधिनियम के प्रावधानों, इसके संभावित प्रभावों तथा क्रियान्वयन से जुड़ी चुनौतियों पर विस्तार से अपने विचार व्यक्त किए।
मुख्य वक्ता डॉ० पंकज सिंह ने कहा कि यह अधिनियम केवल एक कानूनी प्रावधान नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन की एक सशक्त शुरुआत है, जो महिलाओं को निर्णय-निर्माण की प्रक्रिया में सशक्त बनाएगा।
अपने अध्यक्षीय संबोधन में कुलपति प्रो० संजीव कुमार ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम भारतीय लोकतंत्र को अधिक सशक्त, संतुलित और प्रतिनिधिक बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि विकसित भारत का लक्ष्य तभी प्राप्त किया जा सकता है, जब महिलाओं की भागीदारी प्रत्येक स्तर पर सुनिश्चित हो ।
इस अवसर पर विद्यार्थियों के लिए विविध प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया गया, जिनमें निबंध लेखन, कहानी लेखन एवं भाषण प्रतियोगिता शामिल थीं। विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए नारी सशक्तिकरण एवं विकसित भारत के निर्माण में महिलाओं की भूमिका पर अपने विचार प्रस्तुत किए।
प्रतियोगिताओं की निर्णायक के रूप में प्रो० वंदना पाण्डेय ने विद्यार्थियों की मौलिकता एवं जिज्ञासा की प्रशंसा की | भाषण प्रतियोगिता में हिंदी विभाग के निखिल लाल जी पटेल ने प्रथम स्थान प्राप्त किया । वहीं दूसरे स्थान पर राजनीति विज्ञान विभाग की पीएच. डी स्कॉलर प्रीति उपाध्याय रहीं व तृतीय स्थान पर एमएस.सी इंटीग्रेटिव साइंस की छात्रा प्रज्ञा चौबे रहीं। निबंध लेखन में प्रथम स्थान पर सुमित विश्वकर्मा( एमएस.सी भौतिक विज्ञान) एवं द्वितीय स्थान पर शिवाशीष सैनी( बी.कॉम) रहे। कहानी लेखन प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्रतीक्षा यादव(राजनीति विज्ञान विभाग), द्वितीय स्थान श्रीकेश यादव ( एमएस.सी, भौतिक विज्ञान) एवं तृतीय स्थान पूजा प्रजापति( एमएस.सी इंटीग्रेटिव साइंस) ने प्राप्त किया।कार्यक्रम के अंत में प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कृत कर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम संयोजक डॉ० निधि सिंह ने बताया की इस प्रकार के आयोजन विद्यार्थियों में जागरूकता और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करने में सहायक होते हैं और साथ ही माननीय कुलपति जी को धन्यवाद ज्ञापित किया की उनके मार्गदर्शन में ऐसे आयोजन सफलतापूर्वक संचालित होते हैं | सह-संयोजक डॉ० शशि प्रकाश शुक्ला ने कहा की सबकी सहभागिता ही विकसित भारत की आधारशिला है | डॉo प्रियंका सिंह, डॉ० सचिन राय, डॉ० अंकुर चौबे, नितेश सिंह, सूर्य प्रकाश अग्रहरि, वैशाली सिंह, शुभम राय, डॉ० रोहित पाण्डेय, डॉ० महिप, डॉ० विभा मिश्रा के सहयोग से यह आयोजन सफल हुआ | कार्यक्रम का कुशल संचालन डॉ० निधि सिंह ने किया ।
राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।





