प्रयागराज में गूंजा कृषि नवाचार का स्वर: ‘कृषि मंथन 2026’ में एमबीए छात्र किशन यादव को सर्वश्रेष्ठ नवाचार एवं विचार पुरस्कार

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प्रयागराज में गूंजा कृषि नवाचार का स्वर: ‘कृषि मंथन 2026’ में एमबीए छात्र किशन यादव को सर्वश्रेष्ठ नवाचार एवं विचार पुरस्कार
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प्रयागराज, 14 फरवरी 2026“विकसित भारत @2047 हेतु भारतीय कृषि का रूपांतरण” विषय पर आयोजित द्वितीय अंतरराष्ट्रीय कॉन्क्लेव ‘कृषि मंथन 2026’ नवाचार, शोध और कृषि-उद्यमिता के समन्वय का सशक्त मंच बनकर उभरा। 12 से 14 फरवरी तक आयोजित इस तीन दिवसीय आयोजन में देश-विदेश के कृषि वैज्ञानिकों, शिक्षाविदों और नीति-निर्माताओं की गरिमामयी उपस्थिति रही।

कॉन्क्लेव के दौरान महाराजा सुहेल देव विश्वविद्यालय के एमबीए छात्र किशन यादव को उनके उत्कृष्ट विचार एवं अभिनव कृषि मॉडल के लिए “सर्वश्रेष्ठ नवाचार एवं विचार पुरस्कार” से सम्मानित किया गया। विश्वविद्यालय के छात्र को मिले इस अंतरराष्ट्रीय सम्मान से शैक्षणिक जगत में हर्ष का वातावरण है।

यह सम्मान कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. गगनेश शर्मा, निदेशक, राष्ट्रीय जैविक एवं प्राकृतिक कृषि केंद्र (NCONF), गाजियाबाद द्वारा प्रदान किया गया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि भारतीय कृषि को आत्मनिर्भर, टिकाऊ और तकनीक-सक्षम बनाने में युवाओं की भूमिका निर्णायक है। विकसित भारत @2047 का लक्ष्य तभी साकार होगा जब शिक्षा संस्थान नवाचार को प्रोत्साहन देंगे।

कॉन्क्लेव में नेशनल एकेडमी ऑफ एग्रीकल्चरल रिसर्च मैनेजमेंट (NAARM), हैदराबाद के प्रो. आर. वेंकट कुमार, प्रो.परमेंद्र सिंह, उप महानिदेशक, यूपीकार (UPCAR), लखनऊ,काशी हिंदू विश्वविद्यालय के कृषि विज्ञान संस्थान के निदेशक प्रो. यू.पी. सिंह, प्रो. राकेश सिंह, भारतीय प्रबंधन संस्थान इंदौर के प्रो. राजहंस मिश्रा, भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान प्रयागराज के प्रो. रंजीत सिंह, सुश्री अपर्णा मिश्रा (उत्तर प्रदेश सरकार), डॉ. आकाश राय (MSDU) तथा डॉ. राहुल कुमार राय (BAUT) सहित अनेक विशेषज्ञ उपस्थित रहे।

विशेषज्ञों ने कृषि में डिजिटल तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, जैविक खेती, स्टार्टअप संस्कृति और बाजारोन्मुखी उत्पादन प्रणाली पर विस्तार से विचार-विमर्श किया। वक्ताओं ने कहा कि यदि अनुसंधान, नीति और व्यवहारिक क्रियान्वयन के बीच प्रभावी समन्वय स्थापित किया जाए तो भारतीय कृषि वैश्विक स्तर पर नई पहचान बना सकती है।

कार्यक्रम के सफल आयोजन में आयोजन समिति के सदस्य श्री अमन सिंह, श्री निखिल सिंह एवं श्री अनुप कुमार श्रीवास्तव का उल्लेखनीय योगदान रहा।

‘कृषि मंथन 2026’ युवाओं में नवाचार, कौशल विकास और कृषि-उद्यमिता को बढ़ावा देने वाला प्रभावी मंच सिद्ध हुआ। महाराजा सुहेल देव विश्वविद्यालय के एमबीए छात्र किशन यादव की उपलब्धि ने यह सिद्ध कर दिया है कि युवा सोच और प्रबंधन दृष्टि के समन्वय से भारतीय कृषि को नई दिशा दी जा सकती है। विकसित भारत @2047 के राष्ट्रीय लक्ष्य की ओर यह आयोजन एक सार्थक पहल के रूप में देखा जा रहा है।

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