भाषा विश्वविद्यालय को एआईसीटीई से शैक्षणिक सत्र 2026-27 हेतु स्वीकृति विस्तार, बीबीए पाठ्यक्रम AICTE मानकों के अनुरूप
ख़्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय (केएमसीएलयू), लखनऊ को अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (AICTE) द्वारा शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए...
ख़्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय (केएमसीएलयू), लखनऊ को अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (AICTE) द्वारा शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए...
ख़्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय (केएमसीएलयू), लखनऊ को अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (AICTE) द्वारा शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए Extension of Approval (EoA) प्रदान किया गया है। यह स्वीकृति विश्वविद्यालय में संचालित प्रबंधन एवं कंप्यूटर अनुप्रयोग से संबंधित पाठ्यक्रमों की गुणवत्ता, संरचना एवं शैक्षणिक मानकों की पुष्टि करती है।
AICTE के नोडल अधिकारी एवं वाणिज्य संकाय के अधिष्ठाता प्रो. सैयद हैदर अली ने जानकारी देते हुए बताया कि परिषद द्वारा जारी स्वीकृति के अनुसार स्नातकोत्तर स्तर पर एमबीए (MBA) में 120 तथा एमसीए (MCA) में 60 सीटों की स्वीकृति प्रदान की गई है। वहीं, स्नातक स्तर पर बीबीए (BBA) एवं बीसीए (BCA) पाठ्यक्रमों में 120-120 सीटों की अनुमति दी गई है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बीबीए पाठ्यक्रम का पाठ्यक्रम (सिलेबस) पूर्णतः AICTE के निर्धारित मानकों एवं दिशानिर्देशों के अनुरूप तैयार किया गया है, जिसमें उद्योगोन्मुखी विषय-वस्तु, व्यावहारिक प्रशिक्षण, परियोजना कार्य एवं कौशल विकास को विशेष रूप से समाहित किया गया है। यह पाठ्यक्रम विद्यार्थियों को समकालीन प्रबंधन शिक्षा, उद्यमिता, डिजिटल दक्षता तथा रोजगारपरक कौशल प्रदान करने के उद्देश्य से संरचित किया गया है।
AICTE द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार संस्थान को आवश्यक अवसंरचना, योग्य एवं अनुभवी संकाय, संतुलित छात्र-शिक्षक अनुपात तथा वित्तीय पारदर्शिता जैसे मानकों का पालन सुनिश्चित करना अनिवार्य है। इसके अतिरिक्त, सभी विद्यार्थियों के लिए इंटर्नशिप को अनिवार्य किया गया है, जिससे उन्हें वास्तविक कार्यानुभव प्राप्त हो सके। परिषद ने शोध एवं नवाचार को प्रोत्साहित करने, SWAYAM Plus पाठ्यक्रमों के उपयोग, विभिन्न छात्रवृत्ति योजनाओं तथा राष्ट्रीय संस्थागत रैंकिंग फ्रेमवर्क (NIRF) में सहभागिता को भी बढ़ावा देने पर बल दिया है।
माननीय कुलपति प्रो. अजय तनेजा ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह स्वीकृति विश्वविद्यालय की शैक्षणिक उत्कृष्टता, गुणवत्ता आधारित शिक्षा एवं शोध उन्मुख दृष्टिकोण को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि AICTE मानकों के अनुरूप तैयार किए गए पाठ्यक्रम विद्यार्थियों को राष्ट्रीय एवं वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने में सहायक सिद्ध होंगे।
यह स्वीकृति न केवल विश्वविद्यालय की शैक्षणिक विश्वसनीयता को और अधिक सुदृढ़ करती है, बल्कि विद्यार्थियों के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, कौशल विकास एवं बेहतर करियर अवसरों के नए द्वार भी खोलती है।





