भाषा विश्वविद्यालय की 40वीं कार्यपरिषद की बैठक सम्पन्न

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भाषा विश्वविद्यालय की 40वीं कार्यपरिषद की बैठक सम्पन्न
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ख़्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय, लखनऊ में कुलपति प्रोफेसर अजय तनेजा की अध्यक्षता में विश्वविद्यालय की 40वीं कार्यपरिषद की बैठक सफलतापूर्वक सम्पन्न हुई। बैठक में विश्वविद्यालय के शैक्षणिक, प्रशासनिक एवं संस्थागत विकास से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर विचार-विमर्श करते हुए सर्वसम्मति से महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।

बैठक के दौरान विश्वविद्यालय की वर्तमान प्रगति, शैक्षणिक गतिविधियों, अनुसंधान एवं नवाचार कार्यक्रमों तथा भविष्य की विकास योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। कार्यपरिषद ने विश्वविद्यालय में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, शोध संस्कृति के संवर्धन तथा प्रशासनिक प्रक्रियाओं को और अधिक प्रभावी एवं पारदर्शी बनाने पर विशेष बल दिया।

बैठक का सबसे महत्वपूर्ण निर्णय विश्वविद्यालय की स्ववित्तपोषित योजना के अंतर्गत विभिन्न विभागों में संविदा (Contractual) आधार पर शिक्षकों की नियुक्ति से संबंधित रहा। कार्यपरिषद ने कुल 17 शिक्षकों के चयन का अनुमोदन प्रदान किया। चयनित शिक्षकों में मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग में डॉ. सयैद असगर हुसैन रिजवी (सह आचार्य), सतेन्द्र शुक्ला, डॉ. पीयूष पाल, वीरेंद्र कुमार एवं उन्नीकृष्णनन शामिल हैं।

कॉमर्स विभाग में डॉ. अनुभव तिवारी, डॉ. पूजा शुक्ला, डॉ. मृदुला सोनी तथा डॉ. उमाकांत का चयन अनुमोदित किया गया। व्यवसाय प्रशासन विभाग में डॉ. हिनादि अकबर, डॉ. रवि कुमार, डॉ. युसरा अहमद, डॉ. सुषमा, डॉ. सौरभ सोनकर एवं डॉ. शंतानु कुमार श्रीवास्तव के चयन को स्वीकृति प्रदान की गई। वहीं सिविल इंजीनियरिंग विभाग में डॉ. श्रेया जादौन एवं आयुष कुमार के चयन को भी मंजूरी दी गई।

बैठक में विश्वविद्यालय की प्रस्तावित कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence - AI) नीति पर भी विस्तारपूर्वक चर्चा की गई। उच्च शिक्षा में AI के बढ़ते उपयोग और उसके प्रभावों को ध्यान में रखते हुए कार्यपरिषद ने शिक्षण, शोध, परीक्षा, मूल्यांकन एवं प्रशासनिक कार्यों में AI के नैतिक, पारदर्शी, जिम्मेदार एवं प्रभावी उपयोग हेतु तैयार की गई नीति को स्वीकृति प्रदान की। परिषद ने माना कि यह नीति विश्वविद्यालय को तकनीकी नवाचार, डिजिटल दक्षता और भविष्य की शैक्षणिक आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

इस अवसर पर कुलपति प्रोफेसर अजय तनेजा ने कहा कि कार्यपरिषद द्वारा लिए गए निर्णय विश्वविद्यालय के समग्र विकास, शैक्षणिक उत्कृष्टता और प्रशासनिक दक्षता को नई दिशा प्रदान करेंगे। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इन निर्णयों से विश्वविद्यालय की शैक्षणिक प्रतिष्ठा और अधिक सुदृढ़ होगी तथा विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षण एवं बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध होगा।

विश्वविद्यालय के प्रभारी कुलसचिव विकास ने बताया कि कार्यपरिषद की बैठक में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णयों से विश्वविद्यालय में शैक्षणिक, प्रशासनिक तथा संस्थागत प्रगति को नई गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय निरंतर नवाचार, गुणवत्ता और उत्कृष्टता की दिशा में अग्रसर है तथा भविष्य में भी इसी प्रकार विकासोन्मुखी पहलें जारी रहेंगी।

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