सैमसंग इनोवेशन कैंपस: तकनीक से लैस 400 युवाओं को मिले सर्टिफिकेट
लखनऊ। ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय में सोमवार को 'सैमसंग इनोवेशन कैंपस' (SIC-2026) के तहत प्रशिक्षण पूरा करने वाले 400 से अधिक...

लखनऊ। ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय में सोमवार को 'सैमसंग इनोवेशन कैंपस' (SIC-2026) के तहत प्रशिक्षण पूरा करने वाले 400 से अधिक...
लखनऊ। ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय में सोमवार को 'सैमसंग इनोवेशन कैंपस' (SIC-2026) के तहत प्रशिक्षण पूरा करने वाले 400 से अधिक विद्यार्थियों के लिए प्रमाणपत्र वितरण समारोह का भव्य आयोजन किया गया। अटल सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने शिरकत की। छात्रों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि वर्तमान युग तकनीक का है और उत्तर प्रदेश के युवा अब न केवल डिग्री हासिल कर रहे हैं, बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और कोडिंग जैसे वैश्विक कौशलों से भी लैस हो रहे हैं। उन्होंने राष्ट्र विरोधी ताक़तों को शिक्षा संस्कार वाली होनी चाहिए। वो कौन सी शिक्षा है जो बच्चों को कलम देने बजाए बंदे भारत पर पत्थर फिंकवा ये, पढ़े लिखे डॉक्टरों को हत्यारा बनाये। शिक्षा संस्कार वाली होनी चाहिए। हमें देश हित राष्ट्र भावना वाली शिक्षा प्राप्त करनी चाहिए। शिक्षा राष्ट्र विरोधी हरकत करना नहीं सिखाती है वह हमें तकनीक के साथ चलना सिखाती है।
तकनीकी कौशल से बढ़ेगा रोजगार
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो. अजय तनेजा ने कहा कि विश्वविद्यालय का लक्ष्य विद्यार्थियों को केवल किताबी ज्ञान देना नहीं, बल्कि उन्हें इंडस्ट्री की वास्तविक जरूरतों के लिए तैयार करना है। उन्होंने बताया कि इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर स्किल्स काउंसिल ऑफ इंडिया (ESSCI) के सहयोग से संचालित इस कार्यक्रम के जरिए छात्रों को बिग डेटा और इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) जैसे उन्नत क्षेत्रों में व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया है। इससे न केवल उनकी कार्यक्षमता बढ़ेगी बल्कि डिजिटल इकोनॉमी में उनके लिए रोजगार के नए द्वार भी खुलेंगे।
इंडस्ट्री और एकेडमी के बीच की दूरी कम होगी।
सैमसंग इंडिया के सीएसआर हेड शुभम मुखर्जी और ESSCI के वाइस प्रेसिडेंट सरोज आपाटो ने बच्चों एआई के दौर में सैमसंग इनोवेशन कैम्पस के महत्व को समझाया। उन्होंने बताया युवाओं के सहयोग से भारत आत्मनिर्भर राष्ट्र के लक्ष्य को हासिल करेगा। समारोह में कार्यक्रम की संयोजक डॉ. शान-ए-फातिमा ने बताया कि यह प्रशिक्षण छात्रों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने की एक महत्वपूर्ण कड़ी है। विशेषज्ञों ने जोर दिया कि शिक्षा और उद्योग के बीच का यह तालमेल नई शिक्षा नीति (NEP) के उद्देश्यों को पूरा करने में सहायक सिद्ध हो रहा है। समारोह के अंत में उच्च शिक्षा मंत्री ने मेधावी छात्रों को प्रमाण पत्र वितरित किए, जिनके चेहरे पर अपनी मेहनत का फल पाकर एक अलग ही चमक थी। कार्यक्रम में सर्टिफिकेट पाने वाले छात्रों में चुनिंदा छात्रों शिक्षा मंत्री से अपने प्रशिक्षण का अनुभव साझा किए। कार्यक्रम का संचालन डॉ रुचिता सुजॉय ने किया।
इस अवसर पर विभागाध्यक्ष डॉ. सुमन मिश्रा, डॉ. राजकुमार सिंह, कुलसचिव महेश कुमार, परीक्षा नियंत्रक विकास के साथ ही विश्वविद्यालय के शिक्षक व बड़ी संख्या में छात्र और शिक्षाविद मौजूद रहे।





