भाषा विश्वविद्यालय ने इस सत्र में बनाये 56 स्वयम मेंटर्स, नवप्रवेशित विद्यार्थियों के लिए स्वयं मूक्स पाठ्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन की पहल
राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के उद्देश्यों तथा विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के दिशा-निर्देशों के अनुरूप ख़्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा...
राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के उद्देश्यों तथा विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के दिशा-निर्देशों के अनुरूप ख़्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा...
राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के उद्देश्यों तथा विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के दिशा-निर्देशों के अनुरूप ख़्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय, लखनऊ द्वारा स्वयं (SWAYAM) पाठ्यक्रमों के प्रभावी संचालन एवं विद्यार्थियों को सतत शैक्षणिक मार्गदर्शन उपलब्ध कराने के लिए विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के 56 शिक्षकों को स्वयं मेंटर की भूमिका प्रदान की गई है।
इन मेंटर्स का दायित्व विद्यार्थियों को उपयुक्त स्वयं के पाठ्यक्रमों के चयन, पंजीकरण, अध्ययन, प्रगति की निगरानी तथा क्रेडिट ट्रांसफर संबंधी प्रक्रियाओं में आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान करना होगा, जिससे विद्यार्थी ऑनलाइन शिक्षण संसाधनों का अधिकतम लाभ प्राप्त कर सकें।
इस पहल पर माननीय कुलपति प्रो. अजय तनेजा ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 विद्यार्थियों को लचीली, बहुविषयक एवं प्रौद्योगिकी-सक्षम शिक्षा प्रदान करने पर बल देती है। स्वयं जैसे डिजिटल शिक्षण मंच विद्यार्थियों को देश के श्रेष्ठ शिक्षकों से सीखने का अवसर उपलब्ध कराते हैं। उन्होंने सभी विभागों से अपेक्षा की कि वे विद्यार्थियों को स्वयं पाठ्यक्रमों से जोड़ते हुए डिजिटल शिक्षण संस्कृति को सुदृढ़ करें।
यहाँ ये भी बताते चलें कि पूर्व में विश्वविद्यालय द्वारा नवप्रवेशित विद्यार्थियों की सुविधा के लिए स्वयं से संबंधित Frequently Asked Questions (FAQ) अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध कराए जा चुके हैं। इसके अतिरिक्त, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों के लिए समय-समय पर जागरूकता एवं संवेदीकरण कार्यशालाओं का भी आयोजन किया जाता रहा है, ताकि स्वयं पाठ्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन तथा राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के उद्देश्यों को सफलतापूर्वक लागू किया जा सके।
स्वयं नोडल अधिकारी एवं पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग की प्रभारी डॉ. रुचिता सुजय चौधरी ने बताया कि विश्वविद्यालय स्तर पर प्रत्येक मेंटर को विभागवार विद्यार्थियों के साथ नियमित संवाद स्थापित करने, उनकी प्रगति की निगरानी करने तथा पाठ्यक्रम पूर्ण करने के लिए आवश्यक शैक्षणिक एवं तकनीकी सहयोग प्रदान करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। उन्होंने कहा कि मेंटर्स विद्यार्थियों को समय-समय पर पंजीकरण की अंतिम तिथियों, असाइनमेंट, परीक्षा प्रक्रिया तथा यूजीसी के क्रेडिट ट्रांसफर प्रावधानों के संबंध में भी मार्गदर्शन देंगे। यह व्यवस्था विद्यार्थियों में ऑनलाइन शिक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ स्वयं पाठ्यक्रमों में नामांकन एवं सफल पूर्णता की संख्या में भी वृद्धि करेगी।





