अनुसंधान डेटा प्रबंधन एवं ओपन डेटा एडिटर (ODE) के उपयोग पर कार्यशाला
केंद्रीय पुस्तकालय ने अनुसंधान एवं विकास प्रकोष्ठ के सहयोग से 31 जनवरी, 2026 (शनिवार) को संकाय सदस्यों एवं शोधार्थियों के लिए “अनुसंधान डेटा प्रबंधन...
केंद्रीय पुस्तकालय ने अनुसंधान एवं विकास प्रकोष्ठ के सहयोग से 31 जनवरी, 2026 (शनिवार) को संकाय सदस्यों एवं शोधार्थियों के लिए “अनुसंधान डेटा प्रबंधन...
केंद्रीय पुस्तकालय ने अनुसंधान एवं विकास प्रकोष्ठ के सहयोग से 31 जनवरी, 2026 (शनिवार) को संकाय सदस्यों एवं शोधार्थियों के लिए “अनुसंधान डेटा प्रबंधन एवं ओपन डेटा एडिटर (ODE) के उपयोग” विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का सफल आयोजन किया। उक्त कार्यशाला में आई0आई0टी0, दिल्ली के डॉ. मोहित गर्ग ने संसाधन व्यक्ति के रूप में मार्गदर्शन प्रदान किया।
इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य शैक्षणिक एवं अनुसंधान पेशेवरों में ओपन डेटा के साथ कार्य करने की दक्षता विकसित करना, ओपन डेटा प्रकाशन के समग्र पारिस्थितिकी तंत्र की समझ प्रदान करना तथा ODE प्लेटफॉर्म के प्रभावी उपयोग से परिचित कराना था। प्रशिक्षण सत्र पूर्णतः व्यावहारिक एवं हैंड्स-ऑन प्रकृति का रहा, जिसमें डेटा की गुणवत्ता, सत्यापन एवं प्रकाशन प्रक्रियाओं पर विशेष जोर दिया गया।
कार्यक्रम के शुभारंभ अवसर पर डॉ0 आशीष के0 श्रीवास्तव (पुस्तकालयाध्यक्ष), डॉ0 नमिता तिवारी (डीन, अनुसंधान एवं विकास), डॉ0 अरुण के0 गुप्ता (एसोसिएट डीन), डॉ0 प्रविण अग्रवाल (असिस्टेंट डीन) एवं डॉ0 श्वेता पांडेय (एसोसिएट डीन) द्वारा अतिथि का स्वागत किया गया। कार्यशाला में विभिन्न विषय क्षेत्रों से संबंधित बड़ी संख्या में शोधार्थियों एवं संकाय सदस्यों द्वारा सक्रिय प्रतिभाग लिया गया।
सत्र के दौरान वक्ता ने ओपन साइंस की निरंतरता पर प्रकाश डालते हुए ओपन पब्लिशिंग से ओपन डेटा तक की यात्रा को विस्तार से समझाया तथा वर्तमान अनुसंधान परिदृश्य में इसकी बढ़ती प्रासंगिकता पर बल दिया। उन्होंने प्रभावी डेटा प्रबंधन के लिए आवश्यक कौशलों, विशेषकर नियंत्रित शब्दावली (ब्वदजतवससमक टवबंइनसंतपमे) और मानकीकृत मेटाडेटा प्रथाओं के महत्व को रेखांकित किया, जो डेटा की संगति एवं अंतः क्रियाशीलता सुनिश्चित करती हैं। साथ ही उन्होंने उत्तरदायी, सुलभ एवं सतत अनुसंधान डेटा प्रथाओं के लिए ओपन डेटा फ्रेमवर्क की स्पष्ट समझ की आवश्यकता पर जोर दिया। इसके अतिरिक्त, प्रतिभागियों को विभिन्न ओपन डेटा प्रबंधन टूल्स के उपयोग के लिए प्रेरित किया गया, जिससे वे अनुसंधान डेटा प्रबंधन के व्यापक उद्देश्यों तथा ओपन डेटा एडिटर की कार्यक्षमताओं के अनुरूप व्यावहारिक दक्षता विकसित कर सकें।
सत्र के अंत में प्रतिभागियों की सक्रिय सहभागिता के साथ एक इंटरैक्टिव ऑनलाइन क्विज आयोजित किया गया। कार्यक्रम के समापन पर डॉ. प्रविण अग्रवाल एवं डॉ. श्वेता पांडेय द्वारा संसाधन व्यक्ति को स्मृति-चिह्न प्रदान कर उनका आभार व्यक्त किया गया।





