कृत्रिम बुद्धिमता का मीडिया और मनोरंजन इंडस्ट्री में प्रवेश और प्रभाव

  • whatsapp
  • Telegram
कृत्रिम बुद्धिमता का मीडिया और मनोरंजन इंडस्ट्री में प्रवेश और प्रभाव


कृत्रिम बुद्धिमता का मीडिया और मनोरंजन इंडस्ट्री में प्रवेश और प्रभाव


प्रो. गोविन्द जी पाण्डेय


कृत्रिम बुद्धिमता के बढ़ते प्रभाव को मीडिया अध्ययन में हमने बहुत पहले ही अपना लिया था जब चीन की कुछ मीडिया चेंनेल ने रोबोट को न्यूज़ रीडिंग के लिए इस्तेमाल किया था | इस सदी की सबसे बड़ी महामारी ने कंप्यूटर के शिक्षा के क्षेत्र में उपयोग को एक तरह से अनिवार्य साबित कर दिया |

इस महामारी के दौर में शिक्षा पूरी तरह ऑनलाइन नेटवर्क के भरोसे हो गयी | और सिर्फ शिक्षा ही क्यों जीवन के हर क्षेत्र में कृत्रिम बुद्धिमता और मशीन का उपयोग बढ़ा है | मीडिया के क्षेत्र में जब से ऑनलाइन प्लेटफार्म आये है तब से हमारे मनोरंजन व्यव्हार में आमूल चूल परिवर्तन आ गया है |

आज मजोरंजन का कोई भी क्षेत्र चाहे वो फिल्म मेकिंग का हो या गेम, सभी जगह कृत्रिम बुद्धिमता का उपयोग बढ़ा है | दुनिया भर की मनोरंजन के क्षेत्र में काम करने वाली कंपनियों ने कृत्रिम बुद्धिमता के क्षेत्र में काफी पैसा लगाना शुरू कर दिया है जिससे की वो अपने दर्शको का ध्यान खीच सके |

चाहे गूगल, ब्लिज्ज़र्ड, इंटेल , वाल्ट डिसनी, और न जाने कंपनिया कृत्रिम बुद्धिमता के क्षेत्र में अरबो रूपये निवेश कर बढ़त लेने को बेकरार है | एक रिपोर्ट के अनुसार मीडिया और एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री का व्यापार दो ट्रिलियन से ज्यादा का हो जायेगा जिसमे हिस्सेदारी के लिए सब बड़ी कंपनी अपने आप को तैयार कर रही है |

दर्शको के बेडरूम में पहुचता माध्यम :

आज की दुनिया इतनी भाग दौड़ की हो चुकी है कि व्यक्ति के पास अपने लिए समय नहीं बचा है | सुबह से शुरू हुई दौड़ जब रात को रूकती है तो वो अपने बिस्तर पर होता है | पर यहाँ भी उसे अब छोड़ा नहीं जा रहा है | जाने कितने लोग है जो आज कल थिएटर की जगह अपने बेडरूम में नेत्फ्लिक्स या अमेज़न पर फिल्मे देखते है | ये वो समय है जब वो बाहर जाकर फिल्मे नहीं देख सकते | इस तरह के प्लेटफार्म ने न सिर्फ उन्हें कंटेंट की चॉइस दी है बल्कि उन्हें कब देखना है इसकी आजादी भी उनको मिली है |

एक रिपोर्ट के अनुसार २०१६ में नेत्फ्लिक्स के पूरी दुनिया में ९३ मिलियन ग्राहक थे और वो १२५ मिलियन घंटे टीवी और फिल्म की स्ट्रीमिंग रोज करता है | नेत्फिल्क्स ने नान्तेस यूनिवर्सिटी फ्रांस और यूनिवर्सिटी ऑफ़ साउथर्न कैलिफोर्निया, अमेरिका के साथ समझौता कर एक नयी मशीन लर्निंग तकनीक डायनेमिक ओप्तिमाइजर का इस्तेमाल स्ट्रीमिंग अनुभव को और ज्यादा सरल बनाने के लिए किया है |१

नेत्फ्लिक्स या अमेज़न क्या करता है ?

अगर आपने कोई फिल्म देखी है जो A केटेगरी की है तो नेत्फ्लिक्स अपने आप आपको आपकी चॉइस के अनुसार बताना शुरू कर देता है की आपको इस केटेगरी में और क्या देखना चाहिय | यही से कृत्रिम बुद्दिमता का प्रयोग शुरू हो जाता है | आज आप चाहे किसी भी प्लेटफार्म पर संचार करते है वो प्लेटफार्म आपके आंकड़े को एकत्र कर लेता है | और कुछ ही दिनों में हम –आप उसके आंकड़ो में एक नंबर की तरह जुड़ जाते है |

आज की तकनीक में जहाँ सुपर कंप्यूटर की सहायता से किसी भी आंकड़े का मिनटों में विश्लेषण हो जाता है उसे ग्राहक के रूचि के अनुसार इस्तेमाल किया जा रहा है | अब आपने अगर दस –बारह एडल्ट कंटेंट देख लिया तो तैयार हो जाइए आपको उसी तरह के कंटेंट अब विभिन्न माध्यमों से आपके पास आने लगेगा |

इतना ही नहीं नेत्फ्लिक्स आपके द्वारा देखी गयी फिल्मों और टीवी सीरियल का लिस्ट बना देता है जिसमे आप जब भी लाग इन करते है तो आपके सामने चयन की समस्या नहीं होती है |

विज्ञापन : आपने अगर एक बार घर खरीदने के लिए गूगल पर सर्च कर लिया और कही आपने अपनी इ मेल भी डाल दिया है तो तैयार हो जाइए आपको लाखो की संख्या में सूचना लगातार मिलने लगेगी | एक अलीबाबा लुबन कर के बुद्धिमता टूल है जो मानव से सौ गुना ज्यादा तेज तरीके से विसुअल डिजाईन बनाता है, ये तक़रीबन आठ हजार बैनर एक दो सेकंड के अंदर बना देगा, जिसका मुकाबला मानव के लिए मुश्किल है |

इसी तरह आई बी एम् ने मॉर्गन फिल्म बनाया है जो सैकड़ो डरावनी फिल्मो का विश्लेषण पल भर में कर के सबसे भयावह दृश्य का निर्माण कर देता है | इस तरह से एक ट्रेलर के निर्माण में जहाँ हमें कई दिन लगते कृत्रिम बुद्धिमता के द्वारा एक दिन में हो जाएगा |

वर्चुअल रियलटी का बढ़ता चलन – एक तरफ कृत्रिम बुद्दिमता का इस्तेमाल दूसरी तरफ वर्चुअल रियलटी के हेड सेट की बढती बिक्री किसी नये अनुभव की और हमें ले जा रही है | अब फ़ोन में आपके पास वर्चुअल दुनिया आ गयी है और अगर आपके पास हेड सेट है तो आप उसका आनंद ले सकते है |

गेमिंग की दुनिया में ये अभी माल तक सीमित है या फिर बड़े लोगो के घर तक पर वो दिन दूर नहीं जब तकनीक सस्ती होगी और हर एक के पास ऑडियो हेड सेट की तरह वर्चुअल रियलटी देखने का हेड सेट होगा |

सर्च में प्रभाव : आज कल सूचना का समुद्र हो गया है जहाँ से अपने लिए वांछित सूचना पाना एक दुरूह कार्य बन गया था| पर कृत्रिम बुद्धिमता के प्रवेश ने आज ये काम बहुत आसान कर दिया है | आज इमेज सर्च में आपको कोई भी चित्र डाल कर उससे सम्बंधित जानकारी और चित्र तुरुन्त मिल जाता है जो हमारे समय को बचा रहा है |

विश्लेषण में आसानी : आज के समय जब ये जानना सबसे जरुरी है की आपके चैनेल के कौन लोग नियमित दर्शक है , उनकी उम्र क्या है , उनकी पसंद क्या है, वो किस समय कार्यक्रम देखना पसंद करते है और वो कितनी बार लौट कर आपके प्लेटफार्म पर आते है | इस तरह के विश्लेषण मीडिया इंडस्ट्री के बड़े लोगो को अपने कार्यक्रमों में विविधता बनाये रखने में आसानी होती है |

आज समाचारों के इतने न्यूज़ पोर्टल है जो अपने दर्शको की पसंद और नापसंद को तुरुन्त समझ जाते है और उनके हिसाब से अपने कार्यक्रमों को संचालित करते है |

विभिन्न भाषा में प्रसारण: आज आप अगर फ्रेंच फिल्म देख रहे है तो आपको हिंदी या इंग्लिश या फिर किसी भी लोकल भाषा में सबटाइटल देखने को मिल जाता है जिससे आपके फिल्म को देखने का अनुभव बदल जाता है | और ये सब पहले बड़ा दुरूह कार्य था | पर आज आप किसी भी भाषा में लिखिए और उसे तुरुन्त ऑनलाइन किसी अन्य भाषा में रूपांतरित कर दीजिये | और ये इतना आसान हो गया है कि आज घरो से काम करने वाली महिला हो या बच्चे जिनके पास भाषा के कारण एक दायरा खीच गया था वो आज कई भाषाओ में संवाद कर रहे है | हलाकि कई बार इस तरह के अनुवाद में हास्यास्पद अनुभव भी होते है पर वो दिन दूर नहीं जब आप एक भाषा में लिखेंगे और कई भाषा में इसे प्रसारित कर देंगे |

इस तरह से हम ये अनुभव कर रहे है की कृत्रिम बुद्दिमता का किस तरह मीडिया और सोशल मीडिया पर प्रभाव पड़ रहा है और दर्शको को नए –नए अनुभव हासिल हो रहे है |




Next Story
Share it