भाषा विश्वविद्यालय: ‘स्टार्ट-अप सहयोग एवं एआई नवाचार’ पर विशेषज्ञ सत्र का आयोजन

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भाषा विश्वविद्यालय: ‘स्टार्ट-अप सहयोग एवं एआई नवाचार’ पर विशेषज्ञ सत्र का आयोजन
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ख़्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय में आज “बिल्डिंग द फ़्यूचर : स्टार्टअप सपोर्ट एंड ए. आई. इनोवेशन ” विषय पर एक विशेषज्ञ व्याख्यान एवं संवादात्मक सत्र का सफल आयोजन अटल हॉल, अकादमिक ब्लॉक में किया गया। इस कार्यक्रम का संयुक्त आयोजन अवध इनक्यूबेशन फाउंडेशन (AIF) एवं ख़्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय द्वारा किया गया।

कार्यक्रम का आयोजन विश्वविद्यालय केकुलपति प्रो. अजय तनेजा के मार्गदर्शन एवं संरक्षण में किया गया।

मुख्य वक्ता के रूप में श्री वसव कृष्णा, प्रमुख (AI/ML डोमेन), स्टार्टअप इनक्यूबेशन एंड इनोवेशन सेंटर (SIIC), IIT कानपुर ने अपने वक्तव्य में कहा कि वर्तमान समय आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस और डेटा-आधारित नवाचार का युग है, जहाँ स्टार्ट-अप्स समाज की वास्तविक समस्याओं के समाधान प्रस्तुत कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि AI और मशीन लर्निंग स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, पर्यावरण, मीडिया और प्रशासन जैसे अनेक क्षेत्रों में परिवर्तनकारी भूमिका निभा रहे हैं।

उन्होंने विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों से कहा कि एक सफल स्टार्ट-अप की नींव समस्या की स्पष्ट पहचान, स्थानीय आवश्यकताओं की समझ तथा तकनीक के सार्थक उपयोग पर आधारित होती है। केवल विचार पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसे प्रोटोटाइप, परीक्षण (वैलिडेशन) और स्केलेबिलिटी के चरणों से गुजारना आवश्यक है।

श्री कृष्णा ने SIIC, IIT कानपुर की कार्यप्रणाली का उल्लेख करते हुए बताया कि किस प्रकार इनक्यूबेशन केंद्र नवोदित उद्यमियों को मेंटॉरशिप, तकनीकी मार्गदर्शन, उद्योग संपर्क, फंडिंग एक्सेस और कानूनी सहायता उपलब्ध कराते हैं। अपने वक्तव्य के अंत में उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे जोखिम लेने से न डरें, विफलताओं को सीख के रूप में स्वीकार करें और नवाचार-आधारित उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ें।

इस अवसर पर राफ्ट्स एंड रिवर्स के संस्थापक एवं अवध इनक्यूबेशन फाउंडेशन के नॉलेज पार्टनर श्री नृपिन भट्ट ने इनक्यूबेशन की प्रक्रिया, मेंटरशिप मॉडल तथा उत्तर प्रदेश सरकार की विभिन्न स्टार्ट-अप एवं नवाचार योजनाओं की विस्तृत जानकारी साझा की। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि नवाचार और उद्यमिता आज उच्च शिक्षा की प्रमुख आवश्यकता बन चुकी है तथा विश्वविद्यालय विद्यार्थियों को स्टार्ट-अप, शोध एवं उद्योग से जोड़ने की दिशा में निरंतर प्रयास कर रहा है।

अवध इनक्यूबेशन फाउंडेशन के उपाध्यक्ष प्रो. सैयद हैदर अली ने अपने संबोधन में कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 नवाचार और उद्यमिता को प्रोत्साहित करती है तथा इसके पाठ्यक्रमीय समावेशन से विद्यार्थियों में उद्यमशील सोच का विकास होगा।

कार्यक्रम का कुशल संचालन डॉ. रुचिता सुजय चौधरी, सदस्य, अवध इनक्यूबेशन फाउंडेशन द्वारा किया गया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन डॉ. दूआ नक़वी द्वारा प्रस्तुत किया गया।

कार्यक्रम में प्रो. तनवीर ख़दीजा, डॉ. मनीष, डॉ. उधम सिंह एवं डॉ. राज कुमार सहित विश्वविद्यालय के अनेक शिक्षकगण, शोधार्थी एवं विद्यार्थी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

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