महाराजा सुहेल देव विश्वविद्यालय के शिक्षक व छात्र-छात्राओं ने राष्ट्रीय मतदाता दिवस में निभाई सक्रिय भूमिका
आजमगढ़।लोकतांत्रिक व्यवस्था को सुदृढ़ करने तथा युवाओं में मतदान के प्रति जागरूकता को नई दिशा देने के उद्देश्य से राष्ट्रीय मतदाता दिवस के अवसर पर एक...

आजमगढ़।लोकतांत्रिक व्यवस्था को सुदृढ़ करने तथा युवाओं में मतदान के प्रति जागरूकता को नई दिशा देने के उद्देश्य से राष्ट्रीय मतदाता दिवस के अवसर पर एक...
आजमगढ़।लोकतांत्रिक व्यवस्था को सुदृढ़ करने तथा युवाओं में मतदान के प्रति जागरूकता को नई दिशा देने के उद्देश्य से राष्ट्रीय मतदाता दिवस के अवसर पर एक भव्य एवं प्रभावशाली जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में महाराजा सुहेल देव विश्वविद्यालय, आजमगढ़ के शिक्षकगण एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता कर लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता का परिचय दिया। कार्यक्रम का आयोजन भारत निर्वाचन आयोग के तत्वावधान में हरिऔद्ध कला केंद्र, आजमगढ़ में किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ लोकतंत्र, संविधान और मताधिकार के महत्व को रेखांकित करने वाले संदेश के साथ हुआ। इस अवसर पर आजमगढ़ मंडल के आयुक्त विवेक ने उपस्थित नागरिकों, युवाओं एवं विद्यार्थियों को मतदाता शपथ दिलाई। अपने प्रेरक संबोधन में उन्होंने कहा कि भारतीय लोकतंत्र के केंद्र में भारतीय नागरिक है और वही लोकतांत्रिक व्यवस्था की वास्तविक आधारशिला भी है। प्रत्येक नागरिक का यह संवैधानिक दायित्व है कि वह अपने मताधिकार का स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं विवेकपूर्ण प्रयोग करे, ताकि लोकतंत्र की जड़ें और अधिक मजबूत हो सकें।
आयुक्त विवेक ने विशेष रूप से युवाओं से आह्वान करते हुए कहा कि युवा वर्ग देश का भविष्य है और उनकी जागरूक भागीदारी से ही लोकतंत्र सशक्त बन सकता है। उन्होंने कहा कि मतदान को केवल अधिकार के रूप में नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण के एक महत्वपूर्ण दायित्व के रूप में देखा जाना चाहिए।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती केवल चुनाव संपन्न कराने से नहीं, बल्कि जागरूक, जिम्मेदार और सजग मतदाताओं की सक्रिय भागीदारी से सुनिश्चित होती है। उन्होंने संविधान की गरिमा, नागरिक कर्तव्यों और जागरूक मतदाता की भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि सशक्त लोकतंत्र की परिकल्पना जागरूक नागरिकों के बिना संभव नहीं है।जिलाधिकारी ने युवाओं से अपील की कि वे स्वयं मतदान करें और अपने परिवार, मित्रों तथा समाज के अन्य वर्गों को भी मतदान के लिए प्रेरित कर लोकतांत्रिक चेतना को जन-जन तक पहुँचाएं।
इस अवसर पर उप-जिलाधिकारी सदर ने नए मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में शामिल कराने की प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जिन नागरिकों की आयु 1 जनवरी 2026 को 18 वर्ष पूर्ण हो चुकी है, वे मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज करा सकते हैं। उन्होंने युवाओं से समय रहते पंजीकरण कराने की अपील करते हुए कहा कि लोकतंत्र में भागीदारी का पहला कदम मतदाता सूची में नाम दर्ज कराना है।
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के शिक्षक मारुति नंदन तिवारी ने अपने ओजस्वी एवं विचारोत्तेजक संबोधन में कहा कि राष्ट्रीय मतदाता दिवस समाज के प्रत्येक वर्ग को लोकतांत्रिक मूल्यों से जोड़ने का एक सशक्त माध्यम है। ऐसे कार्यक्रमों से युवाओं में संवैधानिक चेतना विकसित होती है और लोकतांत्रिक सहभागिता को मजबूती मिलती है।
इस दौरान निर्वाचन प्रक्रिया में उत्कृष्ट कार्य करने वाले बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ),वरिष्ठ व नए मतदाता को जिलाधिकारी द्वारा प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। इससे निर्वाचन कार्य से जुड़े कर्मियों का मनोबल बढ़ा और उनके कार्यों की सराहना भी हुई।
कार्यक्रम की शोभा बढ़ाने के लिए सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का भी आयोजन किया गया। हरिहर घराने के सुप्रसिद्ध गायक मोहन मिश्र के मतदान के प्रति जागरूकता गायन ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। वहीं आजमगढ़ शहर के विभिन्न विद्यालयों के बच्चों द्वारा प्रस्तुत देशभक्ति एवं मतदाता जागरूकता से संबंधित कार्यक्रमों ने उपस्थित जनसमूह को गहरी प्रेरणा दी और वातावरण को जीवंत बना दिया।
कार्यक्रम में आजमगढ़ परिक्षेत्र के उप महानिरीक्षक, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, पुलिस अधीक्षक, उप-जिलाधिकारी (वि/राजस्व), उप-जिलाधिकारी (प्रशासन) सहित बड़ी संख्या में मतदाता, महाराजा सुहेल देव विश्वविद्यालय के शिक्षकगण डॉ. रोहित पांडेय, डॉ. विजय प्रकाश उपाध्याय, जिला प्रशासन के अधिकारी, कर्मचारी एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।कार्यक्रम का समापन लोकतंत्र की मजबूती, निष्पक्ष चुनाव, जागरूक मतदाता एवं जिम्मेदार नागरिक बनने के सामूहिक संकल्प के साथ किया गया।





