आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं साइबर अपराध पर अतिथि व्याख्यान का आयोजन

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आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं साइबर अपराध पर अतिथि व्याख्यान का आयोजन
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कानपुर, 31 जनवरी 2026। छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय, कानपुर के अटल बिहारी वाजपेयी स्कूल ऑफ लीगल स्टडीज द्वारा आज “आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) एवं साइबर अपराध: डिजिटल युग में नई कानूनी चुनौतियाँ ” विषय पर एक महत्वपूर्ण अतिथि व्याख्यान का आयोजन लेक्चर हॉल कॉम्प्लेक्स, CSJMU में किया गया। यह कार्यक्रम विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक के गरिमामय मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।

कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप में श्री कपिल देव सिंह (अपर पुलिस आयुक्त, कानपुर नगर पश्चिम) एवं उनकी साइबर सेल टीम की गरिमामयी उपस्थिति रही। उनका स्वागत विश्वविद्यालय के कुलानुशासक डॉ. शशिकांत त्रिपाठी जी ने किया।

अपने संबोधन में श्री सिंह ने बताया कि वर्तमान डिजिटल युग में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जहां विकास का महत्वपूर्ण साधन बन चुका है, वहीं इसके दुरुपयोग से साइबर अपराधों में तीव्र वृद्धि भी देखने को मिल रही है। उन्होंने डाटा चोरी, साइबर फ्रॉड, डिजिटल अरेस्ट, फेक कॉल, सोशल मीडिया स्कैम, डेटिंग ऐप फ्रॉड, फेक गेमिंग ऐप्स, इंस्टेंट लोन स्कैम तथा सिम से संबंधित धोखाधड़ी जैसे मामलों पर विस्तार से प्रकाश डाला।

साइबर क्राइम एक्सपर्ट सबइंस्पेक्टर सुश्री रिया तिवारी ने यह स्पष्ट किया कि अपराधी किस प्रकार मानव मनोविज्ञान (Human Psychology) का प्रयोग कर आम लोगों को भय, लालच या दबाव में लेकर ठगी का शिकार बनाते हैं। साथ ही बताया गया कि कैसे फेक वेबसाइट्स, फिशिंग लिंक, स्क्रीन शेयरिंग ऐप्स और एआई आधारित वॉयस क्लोनिंग के माध्यम से लोगों की निजी एवं बैंकिंग जानकारी प्राप्त की जाती है।

अतिथियों द्वारा दूरसंचार विभाग (Department of Telecommunications – DoT) की आधिकारिक वेबसाइट से मिलने वाले लाभों की जानकारी भी दी गई, जिसके माध्यम से नागरिक अपने मोबाइल सिम, कॉल एवं डिजिटल सुरक्षा से संबंधित सूचनाएँ प्राप्त कर सकते हैं। विद्यार्थियों को डिजिटल प्लेटफॉर्म के सुरक्षित उपयोग के प्रति जागरूक किया गया।

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को यह भी बताया गया कि किसी भी साइबर अपराध की स्थिति में राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर तत्काल कॉल करें अथवा cybercrime.gov.in पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं, जिससे समय रहते उचित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

इस अवसर पर श्री शुभम यादव, श्री राजीव कुमार, सुश्री रिया एवं श्री अरुण आनंद ने भी विषय से संबंधित अपने विचार साझा किए। प्रश्नोत्तर सत्र के दौरान विद्यार्थियों ने सक्रिय सहभागिता करते हुए अनेक जिज्ञासाएँ रखीं, जिनका समाधान अतिथियों द्वारा किया गया।

कार्यक्रम में विधि विभाग की निदेशिका डॉ. स्मृति रॉय ने बुजुर्गों के साथ हो रहे साइबर क्राइम और डिजिटल अरेस्ट जैसी घटनाओं में युवाओं से यूथ गार्ड बनने का आह्वाहन किया।

कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद प्रस्ताव सहायक आचार्य डॉ. प्रेरित नारायण मिश्रा ने दिया |

इस अवसर पर विभाग के असिस्टेंट डायरेक्टर डॉ. राहुल तिवारी, डॉ. शमिउद्दीन एवं डॉ. दिव्यांश शुक्ल , सहायक आचार्य मेघना बाजपेई, सहायक आचार्य कौशिकी त्रिवेदी , सहायक आचार्य शैलजा सचान एवं सहायक आचार्य मोहित अवस्थी सहित संस्थान के शिक्षकगण, शोधार्थी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

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