कुलपति प्रो. संजीव कुमार ने विद्यार्थियों के साथ ‘कॉफी संवाद’ में साझा किए विचार
आजमगढ़, महाराजा सुहेल देव विश्वविद्यालय में छात्र-शिक्षक संवाद को सशक्त बनाने की दिशा में एक सराहनीय पहल के तहत कुलपति प्रो. संजीव कुमार ने...

आजमगढ़, महाराजा सुहेल देव विश्वविद्यालय में छात्र-शिक्षक संवाद को सशक्त बनाने की दिशा में एक सराहनीय पहल के तहत कुलपति प्रो. संजीव कुमार ने...
आजमगढ़, महाराजा सुहेल देव विश्वविद्यालय में छात्र-शिक्षक संवाद को सशक्त बनाने की दिशा में एक सराहनीय पहल के तहत कुलपति प्रो. संजीव कुमार ने विश्वविद्यालय परिसर में विद्यार्थियों के साथ अनौपचारिक ‘कॉफी संवाद’ कार्यक्रम में सहभागिता की। सौहार्दपूर्ण वातावरण में आयोजित इस कार्यक्रम ने प्रशासन और विद्यार्थियों के बीच प्रत्यक्ष संवाद की नई परंपरा स्थापित की।
विश्वविद्यालय परिसर के खुले एवं आत्मीय वातावरण में आयोजित इस कार्यक्रम में विभिन्न संकायों के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कुलपति प्रो. संजीव कुमार ने विद्यार्थियों के साथ कॉफी की चुस्कियों के बीच उनके शैक्षणिक अनुभव, समस्याओं, आकांक्षाओं और सुझावों को गंभीरता से सुना। इस अवसर पर उन्होंने स्पष्ट किया कि विश्वविद्यालय प्रशासन विद्यार्थियों की प्रगति और समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है।
संवाद के दौरान विद्यार्थियों ने पाठ्यक्रम की गुणवत्ता, शोध सुविधाओं के विस्तार, पुस्तकालय संसाधनों की वृद्धि, डिजिटल अधोसंरचना, प्लेसमेंट की संभावनाओं तथा परिसर में सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों के सुदृढ़ीकरण जैसे विषयों पर अपने विचार रखे। कुलपति ने प्रत्येक सुझाव को सकारात्मक दृष्टिकोण से ग्रहण करते हुए आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने का आश्वासन दिया।
प्रो. संजीव कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि विश्वविद्यालय केवल शिक्षा का केंद्र नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण और नेतृत्व विकास का मंच है। उन्होंने विद्यार्थियों को समय का सदुपयोग करने, अनुशासन एवं नैतिक मूल्यों को अपनाने तथा नवाचार और शोध की दिशा में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने यह भी कहा कि संवाद और पारदर्शिता किसी भी शैक्षणिक संस्थान की प्रगति के मूल आधार हैं।
कार्यक्रम में उपस्थित विद्यार्थियों ने कुलपति के इस आत्मीय प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के अनौपचारिक संवाद से प्रशासनिक दूरी कम होती है और अपनी बात सीधे शीर्ष नेतृत्व तक पहुंचाने का अवसर मिलता है। कई विद्यार्थियों ने इसे प्रेरणादायी अनुभव बताया।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने संकेत दिया कि भविष्य में भी इस प्रकार के ‘कॉफी संवाद’ नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे, ताकि विद्यार्थियों के सुझावों और अपेक्षाओं को योजनाओं में समाहित किया जा सके। कार्यक्रम का समापन सकारात्मक ऊर्जा और सहभागिता के संकल्प के साथ हुआ। यह पहल विश्वविद्यालय में पारदर्शी, सहभागी और छात्र-केंद्रित प्रशासनिक संस्कृति को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।इस कार्यक्रम में डॉ. मनीषा सिंह, डॉ. निधि सिंह, सूर्य प्रकाश अग्रहरि, वैशाली सिंह, नितेश सिंह, डॉ.विजय प्रकाश उपाध्याय की सक्रिय भूमिका रही l





