अंतर्जनपदीय ताइक्कांडो प्रतियोगिता में बेटियों का दबदबा, डीएवी पीजी कॉलेज बना आयोजन का केंद्र

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अंतर्जनपदीय ताइक्कांडो प्रतियोगिता में बेटियों का दबदबा, डीएवी पीजी कॉलेज बना आयोजन का केंद्र
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आजमगढ़। डी.ए.वी. पीजी कॉलेज में आयोजित अंतर्जनपदीय ताइक्कांडो प्रतियोगिता में बेटियों ने अपने शानदार प्रदर्शन से सबका ध्यान आकर्षित किया। शहर के हृदय में स्थित इस प्रतिष्ठित महाविद्यालय में प्रतियोगिता का आयोजन महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय के तत्वावधान में संपन्न हुआ।

विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. संजीव कुमार की प्रेरणा, महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. प्रेमचंद के मार्गदर्शन तथा खेल प्रभारी डॉ. अमित कुमार सिंह, डॉ. विपिन अस्थाना एवं डॉ. युगांत उपाध्याय की देखरेख में प्रतियोगिता सफलतापूर्वक संपन्न हुई। विजयी प्रतिभागी विश्वविद्यालय की टीम के नेतृत्व में शीघ्र ही जालंधर (पंजाब) में आयोजित होने वाली प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए रवाना होगी।

महाविद्यालय के खेल प्रभारी डॉ. अमित कुमार सिंह ने बताया कि प्रबंधक श्री आनंद प्रकाश श्रीवास्तव एडवोकेट के संयोजन एवं विश्वविद्यालय प्रतिनिधि प्रो. अमरजीत की देखरेख में आयोजित इस प्रतियोगिता में ओवरऑल खिताब बेटियों ने अपने नाम किया। महिला वर्ग में डीएवी पीजी कॉलेज की छात्राएं प्रथम स्थान पर रहीं, जबकि घोसी मऊ पीजी कॉलेज की छात्राओं ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया।

पुरुष वर्ग में खुर्रमपुर पीजी कॉलेज की टीम ने प्रथम स्थान हासिल किया, वहीं रघुपुर पीजी कॉलेज द्वितीय स्थान पर रही। व्यक्तिगत स्पर्धाओं में भी डीएवी पीजी कॉलेज की बेटियों का दबदबा देखने को मिला। हालांकि सर्वोदय पीजी कॉलेज, घोसी मऊ की एक प्रतिभाशाली छात्रा ने अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन से दर्शकों का दिल जीत लिया।

विश्वविद्यालय के खेल सचिव प्रो. प्रशांत राय ने कहा कि कुलपति के मार्गदर्शन में खेल गतिविधियां सतत रूप से संचालित हो रही हैं, जिसका परिणाम राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन के रूप में सामने आ रहा है। प्रतियोगिता में खुर्रमपुर, गहजी, घोसी, रघुपुर, अष्टभुजी, कोयलसा पीजी कॉलेज सहित मेजबान डीएवी पीजी कॉलेज की टीमों ने सहभागिता की।

कुलपति प्रो. संजीव कुमार ने आयोजन समिति, विशेष रूप से प्रबंधक, प्राचार्य एवं प्राध्यापकगण को सफल आयोजन के लिए बधाई दी। उन्होंने छात्र-छात्राओं का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि खेल में हार-जीत से अधिक महत्वपूर्ण सहभागिता है। “हल्की सी चूक से परिणाम बदल सकता है, परंतु इससे किसी की क्षमता कम नहीं होती। प्रतियोगिता में भाग लेने वाला प्रत्येक प्रतिभागी अपने आप में विजेता है,” |

अंत में प्राचार्य प्रो. प्रेमचंद ने आयोजन समिति के सदस्यों एवं विश्वविद्यालय के ऑब्जर्वर प्रो. अमरजीत के प्रति आभार व्यक्त किया।कार्यक्रम में प्रो. गीता सिंह, प्रो. शिल्पा त्रिपाठी, डॉ. सोनम साहू सहित विभिन्न महाविद्यालयों के प्राध्यापक, गैर-शिक्षक कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. युगांत उपाध्याय ने किया।

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