स्थापना दिवस पुरस्कार समारोह में शिक्षण, शोध एवं संस्थागत सेवा में उत्कृष्ट योगदान देने वाले विश्वविद्यालय परिवार के सदस्यों को किया गया सम्मानित

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स्थापना दिवस पुरस्कार समारोह में शिक्षण, शोध एवं संस्थागत सेवा में उत्कृष्ट योगदान देने वाले विश्वविद्यालय परिवार के सदस्यों को किया गया सम्मानित
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बठिंडा, 28 फरवरी: पंजाब केंद्रीय विश्वविद्यालय (सीयू पंजाब), बठिंडा ने कुलाधिपति प्रो. जगबीर सिंह के संरक्षण एवं कुलपति प्रो. राघवेन्द्र प्रसाद तिवारी के नेतृत्व में अपना 17वां स्थापना दिवस भव्य एवं गरिमामय समारोह के रूप में मनाया। इस अवसर पर पद्मश्री प्रो. हर्ष के. गुप्ता, एमेरिटस वैज्ञानिक, सीएसआईआर–एनजीआरआई, हैदराबाद मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि आंध्र प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एस. ए. कोरी विशिष्ट अतिथि के रूप में समारोह में शामिल हुए। कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले संकाय सदस्यों, कर्मचारियों, वैज्ञानिकों एवं विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ विश्वविद्यालय गीत एवं वंदे मातरम् गायन के साथ हुआ। इसके पश्चात प्रो. फेलिक्स बास्ट ने विश्वविद्यालय की 17 वर्षों की उपलब्धियों एवं विकास यात्रा पर विस्तृत प्रस्तुति दी।

अपने स्थापना दिवस संबोधन में पद्मश्री प्रो. हर्ष के. गुप्ता ने पृथ्वी विज्ञान के क्षेत्र में अपनी प्रेरणादायी जीवन यात्रा साझा करते हुए भारत में भूभौतिकीय अनुसंधान के विकास में अपने महत्त्वपूर्ण योगदानों का उल्लेख किया। उन्होंने हैदराबाद में आधुनिक भूकंपीय वेधशाला की स्थापना, भूकंप विज्ञान से संबंधित अनुसंधानों तथा हिमालय–तिब्बत क्षेत्र के नीचे मोटी भू-पर्पटी की खोज पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने अंटार्कटिका में ‘दक्षिण गंगोत्री’ स्टेशन की स्थापना को भारत की ध्रुवीय अनुसंधान यात्रा की ऐतिहासिक उपलब्धि बताया। साथ ही, भारतीय सुनामी पूर्व चेतावनी प्रणाली के महत्त्व को रेखांकित करते हुए भूकंप-रोधी समाज के निर्माण की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों को समर्पण, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और सामाजिक उत्तरदायित्व के साथ कार्य करने का संदेश दिया।

विशिष्ट अतिथि प्रो. एस. ए. कोरी तथा विशेष अतिथि डॉ. रतन गुप्ता, कार्यकारी निदेशक, एम्स बठिंडा ने विश्वविद्यालय की उपलब्धियों की सराहना की।

कुलपति प्रो. राघवेन्द्र प्रसाद तिवारी ने अपने संबोधन में कहा कि सीयू पंजाब परिवार के अथक प्रयासों के परिणामस्वरूप विश्वविद्यालय ने एनआईआरएफ 2025 में विश्वविद्यालय श्रेणी में 77वां स्थान तथा टाइम्स हायर एजुकेशन वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2026 में समग्र श्रेणी के अंतर्गत 601–800 वैश्विक रैंक बैंड प्राप्त किया है। उन्होंने कहा कि केवल ज्ञान प्राप्त करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसे समझदारी और सही निर्णय में बदलना जरूरी है। उन्होंने पर्यावरण के अनुकूल विकास को बढ़ावा देने, अंतर्विषयक शोध को प्रोत्साहित करने तथा आलोचनात्मक सोच, सृजनात्मकता एवं नैतिक मूल्यों से युक्त “टी-शेप्ड” विद्यार्थियों के निर्माण पर बल दिया। उन्होंने आगामी दशक के लिए सतत एवं प्रभावशाली विकास की दिशा में सामूहिक प्रयास का आह्वान किया।

अध्यक्षीय संबोधन में कुलाधिपति प्रो. जगबीर सिंह ने विश्वविद्यालय परिवार को स्थापना दिवस की शुभकामनाएँ देते हुए भारतीय ज्ञान परंपरा पर आधारित मूल्यपरक शिक्षा की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने श्री गुरु तेग बहादुर अध्ययन केंद्र तथा विभाजन एवं अत्याचार अध्ययन केंद्र की स्थापना की सराहना करते हुए सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण एवं नैतिक एवं सामाजिक उत्तरदायित्व आधारित शिक्षा को बढ़ावा देने का आह्वान किया।

समारोह के दौरान स्थापना दिवस पुरस्कार भी प्रदान किए गए। चांसलर पुरस्कार (सर्वश्रेष्ठ पीएच.डी. विद्यार्थी) विधि विभाग के श्री नरेश प्रजापति को दिया गया। कुलपति पुरस्कार (सर्वश्रेष्ठ स्नातकोत्तर विद्यार्थी) पुरुष वर्ग में श्री अतुल गौर और महिला वर्ग में सुश्री शुचि अरोड़ा को प्रदान किया गया। सर्वश्रेष्ठ शिक्षक पुरस्कार कंप्यूटर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की प्रो. अमनदीप कौर को मिला। वहीं, सर्वश्रेष्ठ गैर-शिक्षण कर्मचारी पुरस्कार प्रशासनिक श्रेणी में श्री अमरीक सिंह, तकनीकी श्रेणी में इंजि. पुनीत सिंह तथा सहायक श्रेणी में श्री इकबाल सिंह को प्रदान किए गए।

सीयू पंजाब उत्कृष्ट शोध पुरस्कार–2025 विज्ञान श्रेणी में डॉ. राहुल देशमुख तथा सामाजिक विज्ञान श्रेणी में प्रो. आनंद ठाकुर को प्रदान किया गया।

इसके अलावा, उच्च प्रभाव कारक (हाई इम्पैक्ट) पत्रिकाओं में शोध प्रकाशन करने और प्रमुख शोध परियोजनाएँ प्राप्त करने वाले 26 संकाय सदस्यों को सीयू पंजाब फैकल्टी अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। सम्मानित संकाय सदस्यों में डॉ. राहुल देशमुख, डॉ. बलजिंदर सिंह, डॉ. पुनीत कुमार, डॉ. रणधीर सिंह, डॉ. कृष्ण कांता हलदार, डॉ. हरि कृष्णा रेड्डी, डॉ. प्रदीप कुमार, डॉ. अच्छे लाल शर्मा, डॉ. सुरेश थरेजा, डॉ. अशोक कुमार, डॉ. विक्रम दीप मोंगा, डॉ. विनोद कुमार, डॉ. राकेश कुमार, डॉ. बालचंदर वेलिंगिरी, डॉ. उज्ज्वल, डॉ. सतविंदर सिंह, डॉ. जसविंदर सिंह भट्टी, डॉ. सब्यसाची सेनापति, डॉ. अमित सिंह, डॉ. मुकेश कुमार यादव, डॉ. प्रमोद कुमार कुशवाहा, प्रो. अकलंक जैन, प्रो. राज कुमार, डॉ. आनंद ठाकुर, डॉ. संदीप कौर तथा डॉ. राजिंदर कुमार शामिल हैं।

पीएच.डी. (विज्ञान) श्रेणी में सुश्री स्नेहा कुमारी और सुश्री ऋषिका धपोला को छात्र शोध पुरस्कार प्रदान किया गया, जबकि सामाजिक विज्ञान एवं मानविकी श्रेणी में श्री अब्दुल वासी पोपालज़ई को सम्मानित किया गया। इसके अतिरिक्त, महिला वैज्ञानिकों डॉ. आरती शर्मा, डॉ. श्रुति कंगा, डॉ. एम. झांसी लक्ष्मी और डॉ. कंवलजीत कौर को विशेष प्रशंसा पुरस्कार दिए गए। वहीं, वर्ष 2025 के दौरान परामर्श (कंसल्टेंसी) परियोजनाएँ प्राप्त करने वाले आठ संकाय सदस्यों को भी सम्मानित किया गया।

समारोह का समापन विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत आकर्षक सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ हुआ, जिसमें संगीत, नृत्य एवं सामाजिक विषयों पर आधारित प्रस्तुतियाँ शामिल रहीं। अंत में कुलसचिव डॉ. विजय शर्मा ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ तथा इसमें संकाय सदस्यों, कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों की उत्साहपूर्ण सहभागिता रही, जो विश्वविद्यालय की गौरवशाली यात्रा का एक और महत्वपूर्ण पड़ाव सिद्ध हुआ।

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