ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय में पुस्तक दान अभियान: ज्ञान के प्रकाश का विस्तार

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ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय में पुस्तक दान अभियान: ज्ञान के प्रकाश का विस्तार
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ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय के राष्ट्रीय सेवा योजना द्वारा भव्य पुस्तक दान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति प्रो. अजय तनेजा के संरक्षण में तथा एनएसएस कार्यक्रम समन्वयक डॉ. नलिनी मिश्रा के कुशल मार्गदर्शन में संपन्न हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं, शिक्षकगण और एनएसएस स्वयंसेवक उपस्थित रहे।

एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी डॉ. सायमा अलीम द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में दानदाताओं ने उदारता का परिचय देते हुए कुल 21 पुस्तकें विश्वविद्यालय की लाइब्रेरी को समर्पित कीं। डॉ. सायमा अलीम ने स्वयं 17 मूल्यवान पुस्तकें दान कीं, जो विभिन्न विषयों जैसे साहित्य, मीडिया, भाषा विज्ञान और सामाजिक अध्ययन पर केंद्रित हैं। वहीं, मनीष कुमार ने 4 पुस्तकें दान कर इस नेक कार्य में योगदान दिया। इन पुस्तकों से विश्वविद्यालय की लाइब्रेरी न केवल समृद्ध होगी, बल्कि छात्रों को विविध ज्ञान स्रोत उपलब्ध होंगे।

कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने पुस्तकों के असीम महत्व पर प्रकाश डाला। एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी डॉ. रामदास ने अपने प्रेरणादायक संबोधन में कहा, “पुस्तकें हमारे लिए गुरु का कार्य करती हैं। वे हमें जीवन के हर पहलू में मार्गदर्शन प्रदान करती हैं, ज्ञान का भंडार होती हैं और कभी थकती नहीं। आज के डिजिटल युग में भी पुस्तकों का स्थान अपरिहार्य है।” उनके उद्गारों ने उपस्थितजनों में उत्साह भर दिया।

इसी क्रम में एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी डॉ. मोहम्मद इरफान ने पुस्तकों को मानवीय संबंधों से जोड़ते हुए कहा, “पुस्तकें इंसान की सच्ची मित्र होती हैं। वे उसकी तन्हाई का साथी बनती हैं, कभी धोखा नहीं देतीं और न ही झगड़ती हैं। एक अच्छी पुस्तक जीवन भर का साथी बन जाती है।” उनके विचारों ने कार्यक्रम को भावनात्मक गहराई प्रदान करती हैं .

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